पटना हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संदीप कुमार ने किया मंडल कारा छपरा का निरीक्षण, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
छपरा, 17 जुलाई | पटना उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति संदीप कुमार ने शुक्रवार को मंडल कारा, सारण (छपरा) का निरीक्षण कर कारा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बंदियों के पुनर्वास एवं कल्याण से जुड़े कार्यों की सराहना करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण, बंदियों को बांटे प्रमाण-पत्र और चश्मे
निरीक्षण की शुरुआत महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद न्यायमूर्ति ने कारा परिसर में वृक्षारोपण किया। कंप्यूटर लैब सह दिनकर पुस्तकालय में स्वागत गीत एवं देशभक्ति गीत के माध्यम से उनका अभिनंदन किया गया।
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इस अवसर पर कंप्यूटर प्रशिक्षण पूरा करने वाले 21 बंदियों को प्रमाण-पत्र तथा 14 बंदियों को चश्मे वितरित किए गए। मंडल कारा प्रशासन की ओर से एक बंदी द्वारा बनाई गई न्यायमूर्ति संदीप कुमार की तस्वीर एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर उनका सम्मान किया गया।
महिला वार्ड, अस्पताल और पाकशाला का लिया जायजा, व्यवस्थाओं की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति ने महिला बंदियों के लिए बने सरस्वती वार्ड, कारा अस्पताल, सामान्य वार्ड तथा पाकशाला का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली और अधिकारियों से आवश्यक चर्चा की।
जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक में कोर्ट निर्माण, लंबित मामलों और मेडिकल रिपोर्ट में देरी पर समीक्षा
मंडल कारा के निरीक्षण के बाद न्यायमूर्ति संदीप कुमार सारण न्यायमंडल में आयोजित जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक में शामिल हुए। बैठक में न्यायिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान उन्होंने सिविल कोर्ट परिसर में चल रहे निर्माण कार्य, मल्टीलेवल पार्किंग, पर्यवेक्षण गृह की व्यवस्था, नियमित जमानत मामलों में मेडिकल रिपोर्ट मिलने में हो रही देरी तथा पुलिस मामलों के लंबित रहने से उत्पन्न समस्याओं पर संबंधित विभागों से जानकारी ली।
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उन्होंने बुडको, बाल संरक्षण इकाई, सिविल सर्जन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिलाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो और आम लोगों को समय पर राहत मिल सके।







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