मनरेगा | वित्तीय अनियमितता
बलहाँ एराजी पंचायत में मनरेगा योजनाओं में एक करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप, डीएम-डीडीसी को अलग-अलग आवेदन
सीवान, 19 अगस्त | भगवानपुर हाट प्रखंड की बलहाँ एराजी पंचायत में मनरेगा एवं जी राम जी योजना के तहत करीब एक करोड़ रुपये की अनियमितता का आरोप लगाया गया है। सहसा गांव निवासी संजय प्रसाद ने इस संबंध में जिलाधिकारी और उप विकास आयुक्त को अलग-अलग आवेदन देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी आवेदन देकर योजनाओं की जांच कराने का आग्रह किया है।
आवेदन में पंचायत रोजगार सेवक (पीआरएस) धर्मेंद्र कुमार और मुखिया के जेठ अवधेश कुमार पांडेय की मिलीभगत से योजनाओं में अनियमितता किए जाने का आरोप लगाया गया है। आवेदक का कहना है कि पंचायत की निर्वाचित मुखिया पम्मी कुमारी हैं, लेकिन पंचायत के कार्यों का संचालन उनके जेठ अवधेश कुमार पांडेय द्वारा किया जाता है।
आवेदन के अनुसार, मुखिया के पति बोकारो, झारखंड में नौकरी करते हैं और मुखिया अपने बच्चों के साथ वहीं रहती हैं। आवेदक ने आरोप लगाया है कि विशेष परिस्थिति में मुखिया एक-दो दिनों के लिए पंचायत आती हैं, जबकि पंचायत का कार्य उनके जेठ देखते हैं। सरकारी कागजात पर मुखिया के हस्ताक्षर भी अवधेश कुमार पांडेय द्वारा किए जाने का आरोप लगाया गया है।
मनरेगा की विभिन्न योजनाओं में बिना काम कराए राशि निकासी का आरोप
संजय प्रसाद ने आरोप लगाया है कि पंचायत सचिव, पीआरएस और अवधेश कुमार पांडेय की कथित मिलीभगत से पंचायत की विकास योजनाओं की राशि में अनियमितता की गई। आवेदन में कहा गया है कि नियमों की अनदेखी कर योजनाओं का चयन किया गया और कई योजनाओं में कार्य कराए बिना ही राशि की निकासी कर ली गई।
आवेदक ने आरोप लगाया है कि कुछ खास लोगों के परिवार के कई सदस्यों, जिनमें भाई-भतीजे और पिता-पुत्री समेत करीब 10 से 11 लोगों के नाम शामिल हैं, पर योजनाएं स्वीकृत कराई गईं। आरोप है कि बिना कार्य कराए राशि की निकासी कर उसका आपस में बंटवारा कर लिया गया।
आवेदन में मनरेगा के तहत वृक्षारोपण, सड़क मिट्टीकरण, पोखरा खुदाई, जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत कुआं जीर्णोद्धार और पीसीसी सहित विभिन्न योजनाओं में अनियमितता का आरोप लगाया गया है। आवेदक ने इन सभी योजनाओं का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। उनका दावा है कि धरातल पर पांच प्रतिशत भी काम नहीं हुआ है, जबकि पूरी राशि की निकासी कर ली गई है।
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आवेदक ने यह भी आरोप लगाया है कि अवधेश कुमार पांडेय स्थानीय सांसद के प्रतिनिधि हैं और उनके प्रभाव एवं दबाव के कारण प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों द्वारा उन्हें कथित तौर पर खुली छूट दी गई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
बीडीओ ने कहा- जांच के लिए भेजा गया आवेदन
इस संबंध में भगवानपुर हाट की बीडीओ प्रियंका कुमारी ने बताया कि आवेदन मिलने के बाद जांच के लिए संबंधित पदाधिकारी को भेज दिया गया है। जांच के बाद ही लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


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