सारण के सरकारी अस्पताल हुए हाईटेक, 87 तरह की मुफ्त जांच, रिपोर्ट सीधे मोबाइल पर
छपरा, 06 अगस्त | सारण जिले के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार आधुनिक हो रही हैं। अब मरीजों को पैथोलॉजी जांच रिपोर्ट लेने के लिए अस्पताल के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट का लिंक सीधे मरीज के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए भेजा जा रहा है, जिसे घर बैठे आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। इस नई व्यवस्था से मरीजों का समय और खर्च दोनों बचेंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को बेहतर और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में छपरा सदर अस्पताल में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर अत्याधुनिक पैथोलॉजी हब स्थापित किया है। यहां फिलहाल आधुनिक मशीनों से 87 तरह की पैथोलॉजी जांच निःशुल्क की जा रही हैं। विभाग की योजना आने वाले समय में इस संख्या को बढ़ाकर 135 प्रकार की जांच तक पहुंचाने की है।
जिलेभर से पहुंच रहे हैं सैंपल
अब केवल सदर अस्पताल ही नहीं, बल्कि अनुमंडलीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से भी मरीजों के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए सदर अस्पताल भेजे जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने साइंस हाउस लेबोरेटरी प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से इस व्यवस्था को लागू किया है।
एजेंसी के कर्मी संबंधित अस्पतालों से सैंपल लेकर सदर अस्पताल पहुंचाते हैं, जहां आधुनिक मशीनों से जांच की जाती है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट का लिंक मरीज के मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाता है। साथ ही अगले दिन संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को रिपोर्ट की हार्ड कॉपी भी उपलब्ध करा दी जाती है।
अलग-अलग अस्पतालों में अलग-अलग जांच सुविधा
जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) अरविन्द कुमार ने बताया कि जिले के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में सदर अस्पताल में 87 प्रकार की जांच, अनुमंडलीय अस्पतालों में 76, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 63, जबकि प्राथमिक एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 46 प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध है। सदर अस्पताल में 87 जांच आधुनिक मशीनों से की जा रही हैं, जबकि अन्य आवश्यक जांच स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए किट से की जाती हैं।
मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब मरीजों को महंगी जांच के लिए निजी लैब या दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सरकारी अस्पताल में ही आधुनिक मशीनों से गुणवत्तापूर्ण जांच निःशुल्क उपलब्ध होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को राहत मिलेगी। वहीं डिजिटल रिपोर्टिंग व्यवस्था से मरीजों को रिपोर्ट लेने के लिए अस्पताल आने की आवश्यकता भी काफी कम हो जाएगी।
135 तरह की जांच शुरू करने की तैयारी
सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य मरीजों को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ जांच सुविधा उपलब्ध कराना है। डिजिटल रिपोर्टिंग व्यवस्था शुरू होने से मरीजों को रिपोर्ट लेने के लिए बार-बार अस्पताल नहीं आना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही जांच की संख्या बढ़ाकर 135 प्रकार की जाएगी, जिससे जिले के अधिक से अधिक मरीजों को इसका लाभ मिलेगा।
मरीजों ने बताया सुविधाजनक
बनियापुर निवासी अतुल कुमार ने बताया कि पहले जांच रिपोर्ट लेने के लिए दो-तीन बार अस्पताल आना पड़ता था, लेकिन अब मोबाइल पर ही रिपोर्ट मिल जाने से समय और किराया दोनों की बचत हो रही है।
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वहीं भगवान बाजार निवासी वीणा देवी ने कहा कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच और मोबाइल पर रिपोर्ट मिलने से काफी सुविधा हुई है। पहले निजी लैब में जांच कराने पर अधिक खर्च करना पड़ता था, लेकिन अब सरकारी अस्पताल की इस नई व्यवस्था से इलाज पहले की तुलना में काफी आसान हो गया



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