सारण में सहयोग पोर्टल की समीक्षा, कम रेटिंग वाले मामलों की व्यक्तिगत जांच के निर्देश, 16,105 आवेदनों की प्रगति और गुणवत्ता की जिलाधिकारी ने की समीक्षा
#छपरा, 02 जुलाई | सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बुधवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सहयोग पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की प्रगति और गुणवत्ता का विस्तृत आकलन किया. बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल आवेदनों का निष्पादन कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और आवेदकों की संतुष्टि के अनुरूप समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है.
बैठक में अधिकारियों को बताया गया कि जिले में सहयोग पोर्टल के माध्यम से अब तक कुल 16,105 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें से 14,922 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि 754 आवेदन अभी लंबित हैं. इसके अलावा 429 आवेदनों को नियमानुसार अस्वीकृत किया गया है. जिलाधिकारी ने इन आंकड़ों की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र और प्रभावी निष्पादन पर विशेष जोर दिया.
कम रेटिंग वाले मामलों की होगी व्यक्तिगत समीक्षा
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं सहयोग पोर्टल पर विभिन्न आवेदनों का विवरण देखा और उनके निष्पादन की गुणवत्ता का बारीकी से परीक्षण किया. उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल निर्धारित समय सीमा में आवेदन का निस्तारण करना नहीं, बल्कि आवेदकों की समस्या का संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना भी है.
बैठक में जानकारी दी गई कि सहयोग पोर्टल पर आवेदन के निष्पादन के बाद आवेदक 01 से 05 तक रेटिंग दे सकते हैं. इसमें 01 न्यूनतम और 05 सर्वोच्च संतुष्टि को दर्शाता है. इस व्यवस्था का उद्देश्य सेवा की गुणवत्ता का मूल्यांकन करना है.
जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों में आवेदकों ने 01 अथवा 02 रेटिंग दी है, उनकी व्यक्तिगत रूप से समीक्षा की जाए। साथ ही कम संतुष्टि के कारणों का विश्लेषण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में शिकायतों के समाधान की गुणवत्ता और बेहतर हो सके.
अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्वयं सहयोग पोर्टल पर नियमित रूप से लॉग-इन कर अपने विभाग से संबंधित आवेदनों की समीक्षा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी लंबित मामलों की नियमित निगरानी करें और उनका समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें.
उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और संतोषजनक समाधान ही सुशासन की पहचान है. इसलिए सभी अधिकारी शिकायतों के निष्पादन में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरते.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े प्रखंड और अनुमंडल स्तर के अधिकारी
समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता, अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था), अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) सहित विभिन्न जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं सभी अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उपसमाहर्ता, प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा अंचलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए. बैठक में सहयोग पोर्टल के माध्यम से जन शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निष्पादन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गये.
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