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श्रावणी मेला 2026: कल से सावन, पहलेजा घाट पर तैयारियां अंतिम चरण में

श्रावणी मेला 2026: कल से शुरू होगा सावन, पहलेजा घाट से हरिहरनाथ मंदिर तक तैयारियां अंतिम चरण में

सोनपुर (सारण), 29 जुलाई | कल से शुरू हो रहे पवित्र सावन माह को लेकर सारण जिला प्रशासन भी अंतिम तैयारियों में जुटा है। कांवड़ियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पहलेजा घाट से बाबा हरिहरनाथ मंदिर तक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

बता दें कि 27 जुलाई को सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने पूरे कांवड़िया मार्ग एवं मेला क्षेत्र का सघन निरीक्षण कर संबंधित विभागों को 29 जुलाई तक सभी आवश्यक तैयारियां हर हाल में पूरी करने का निर्देश दिया था।

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान 30 जून को दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा था कि श्रावणी मेले में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करें, ताकि सावन के पहले दिन से ही श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

पहलेजा घाट पर चौबीसों घंटे रहेगी स्वच्छता और आवश्यक सुविधाएं

पहलेजा घाट पर श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों के लिए टेंट और अन्य व्यवस्था का काम

जिला प्रशासन ने पहलेजा घाट पर पूरे सावन माह के दौरान 24×7 साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, शुद्ध पेयजल, चेंजिंग रूम और स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित स्थानों पर पर्याप्त चेंजिंग रूम उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है।

पीएचईडी को घाट परिसर में 100 अस्थायी शौचालय तथा कांवड़िया मार्ग पर 50 अतिरिक्त शौचालय स्थापित करने और उनकी नियमित सफाई के लिए पर्याप्त सफाईकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर

पहलेजा घाट पर अधिकारियों के साथ श्रावणी मेला की सुरक्षा व्यवस्था देखते जिलाधिकारी

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर घाटों पर सुरक्षित ढलान, मजबूत बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरे, वॉच टॉवर, पब्लिक एड्रेस सिस्टम तथा प्रभावी निगरानी व्यवस्था की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति और गंगा के जलस्तर में बदलाव से निपटने के लिए पहलेजा घाट पर एसडीआरएफ की टीम भी तैनात रहेगी।

कांवड़ियों की सुगम यात्रा के लिए व्यापक इंतजाम

हरिहरनाथ मंदिर परिसर में श्रावणी मेला की तैयारियों का निरीक्षण

भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए आने और जाने वाले कांवड़ियों के लिए अलग-अलग मार्ग विकसित किए जा रहे हैं। कांवड़िया पथ की मरम्मत, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, संकेतक (साइनेज), ड्रॉप गेट, कंट्रोल रूम तथा श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए बड़े टेंट की व्यवस्था भी की जा रही है।

स्वास्थ्य सेवाओं की भी रहेगी बेहतर व्यवस्था

हरिहरनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लेते अधिकारी

मेला क्षेत्र में कुल 8 मेडिकल कैंप स्थापित किए जाएंगे, जिनमें 4 मेडिकल कैंप पहलेजा घाट पर 24 घंटे संचालित रहेंगे। लगातार यात्रा करने वाले डाक बम श्रद्धालुओं के लिए अलग से विशेष सहायता काउंटर भी बनाया जाएगा, ताकि उन्हें जलाभिषेक और आगे की यात्रा में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

29 जुलाई तक तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य

श्रावणी मेला क्षेत्र में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का निरीक्षण करते प्रशासनिक अधिकारी

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया था कि प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, शौचालय, सैनिटेशन, हेल्प डेस्क, कंट्रोल रूम, सीसीटीवी, पीए सिस्टम, एंबुलेंस सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं 29 जुलाई तक पूरी कर ली जाएं। साथ ही मेला क्षेत्र के आसपास झाड़-झंखाड़ हटाने, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती तथा वैशाली जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को भी कहा गया था।

जिलाधिकारी का संदेश

सारण में श्रावणी मेला के कांवड़िया मार्ग का निरीक्षण करते अधिकारी

जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि श्रावणी मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सेवा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध हो।

निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी सोनपुर, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सोनपुर, डीसीएलआर, कार्यपालक दंडाधिकारी, अंचलाधिकारी, पहलेजा थाना के थानाध्यक्ष सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, अभियंता एवं संबंधित कर्मी भी मौजूद थे।

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हर वर्ष श्रावणी मेले में पहलेजा घाट से बड़ी संख्या में कांवड़िये जल लेकर बाबा हरिहरनाथ मंदिर और आगे की यात्रा पर निकलते हैं। ऐसे में इस बार जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर दिया है।

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