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छपरा जंक्शन के नामकरण की मांग नई नहीं, 2021 में लोकसभा में उठी

छपरा जंक्शन का नाम ‘परमहंस दयाल’ करने की मांग नई नहीं, 2021 में लोकसभा में उठ चुका है मामला

विशेष रिपोर्ट

छपरा जंक्शन के नामकरण की मांग को लेकर वायरल पत्र और जनार्दन सिंह सिग्रीवाल व छोटी कुमारी

छपरा जंक्शन का नाम बदलकर ‘परमहंस दयाल छपरा जंक्शन’ करने की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर एक कथित पत्र तेजी से वायरल हो रहा है। यह पत्र छपरा की विधायक छोटी कुमारी की ओर से जारी बताया जा रहा है। हालांकि, पत्र की प्रामाणिकता को लेकर सवाल उठ रहे हैं और विधायक या उनके कार्यालय की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि या खंडन सामने नहीं आया है।

इस बीच, इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। छपरा जंक्शन का नाम परमहंस दयाल महाराज के नाम पर करने की मांग नई नहीं है। 15 मार्च 2021 को छपरा के पूर्व विधायक व महाराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने लोकसभा में यह मांग उठाई थी।

2021 में लोकसभा में उठी थी मांग

जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने 2021 में लोकसभा में छपरा जंक्शन का नाम बदलने की मांग उठाई

15 मार्च 2021 को रेलवे की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान लोकसभा में बोलते हुए जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने छपरा जंक्शन का नाम परम पूज्य परमहंस दयाल महाराज के नाम पर किए जाने का आग्रह किया था। उन्होंने तत्कालीन रेल मंत्री से इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया था।

लोकसभा की कार्यवाही में दर्ज वक्तव्य के अनुसार, सिग्रीवाल ने परमहंस दयाल महाराज को प्रसिद्ध संत बताते हुए कहा था कि उनके अनुयायी देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में हैं। इसी आधार पर उन्होंने छपरा जंक्शन का नाम परमहंस दयाल महाराज के नाम पर रखने की मांग सदन के माध्यम से रखी थी।

वायरल पत्र से फिर चर्चा में आया मामला

छपरा विधायक छोटी कुमारी

अब करीब पांच साल बाद छपरा की विधायक छोटी कुमारी के नाम से एक कथित पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। पत्र पर 1 अगस्त 2026 की तारीख और विधायक के हस्ताक्षर दिखाई दे रहे हैं। इसमें छपरा जंक्शन का नाम ‘परमहंस दयाल छपरा जंक्शन’ किए जाने का अनुरोध मुख्यमंत्री से किए जाने की बात कही गई है।

वायरल पत्र में कहा गया है कि छपरा की जनता की ओर से स्टेशन का नाम परमहंस दयाल जी के नाम पर करने की मांग सामने आई है। विधायक ने इस मांग का समर्थन करते हुए आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है।

छपरा जंक्शन का नाम परमहंस दयाल छपरा जंक्शन करने का कथित वायरल पत्र

हालांकि, इस पत्र की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे AI से तैयार या फर्जी बता रहे हैं, लेकिन अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है जिससे इसे निश्चित रूप से फर्जी या AI-generated कहा जा सके। वहीं, विधायक छोटी कुमारी या उनके कार्यालय की ओर से भी इस पत्र को लेकर आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

इसलिए फिलहाल इस दस्तावेज को “कथित” या “वायरल पत्र” के रूप में ही देखा जाना उचित है।

नामकरण की मांग पुरानी, वायरल पत्र की पुष्टि बाकी

छपरा जंक्शन रेलवे स्टेशन की तस्वीर

उपलब्ध लोकसभा रिकॉर्ड से यह स्पष्ट है कि छपरा जंक्शन का नाम परमहंस दयाल महाराज के नाम पर करने की मांग कम से कम 15 मार्च 2021 से सार्वजनिक रिकॉर्ड में मौजूद है। ऐसे में वायरल पत्र में की गई नामकरण की मांग को नई मांग नहीं कहा जा सकता।

हालांकि, 1 अगस्त 2026 को विधायक छोटी कुमारी के नाम से वायरल हुआ पत्र वास्तव में उनके कार्यालय से जारी किया गया है या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इसकी स्थिति विधायक या उनके कार्यालय की आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

वायरल पत्र सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर छपरा जंक्शन के नामकरण को लेकर बहस भी तेज हो गई है। इस पहल को लेकर सवाल उठाने वाली प्रतिक्रियाएं अधिक दिखाई दे रही हैं, जबकि कुछ लोग नामकरण की मांग का समर्थन भी कर रहे हैं।

कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि छपरा जंक्शन की पहचान से जुड़े नाम में बदलाव की बजाय शहर की बुनियादी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए। टिप्पणियों में लोगों ने टूटी सड़कों, नालियों की समस्या, जलजमाव और सड़कों पर बहते गंदे पानी जैसे मुद्दों का जिक्र किया है।

छपरा जंक्शन का नाम बदलने के विरोध में सोशल मीडिया पोस्ट

छपरा जंक्शन का नाम बदलने के विरोध में सोशल मीडिया पोस्ट

वहीं, कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि छपरा जंक्शन का नाम बदलने की मांग आखिर जनता की ओर से कब और किसके द्वारा की गई थी। कुछ टिप्पणियों में इस पहल को लोकप्रियता से जोड़कर भी सवाल किए गए हैं।

क्या है तथ्य?

तथ्य यह है कि छपरा जंक्शन का नाम परमहंस दयाल महाराज के नाम पर करने की मांग 15 मार्च 2021 को लोकसभा में तत्कालीन महाराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल द्वारा उठाई जा चुकी है।

यह भी पढ़ें: छपरा में साहित्य समारोह: पंकज कुमार को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान

वहीं, 1 अगस्त 2026 को विधायक छोटी कुमारी के नाम से वायरल हुए पत्र की प्रामाणिकता अभी स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल आधिकारिक पत्र के बजाय कथित वायरल पत्र के रूप में ही रिपोर्ट किया जा रहा है।

15 मार्च 2021 को लोकसभा में जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने छपरा जंक्शन का नाम परमहंस दयाल महाराज के नाम पर रखने की मांग उठाई थी।


स्रोत: लोकसभा की 15 मार्च 2021 की कार्यवाही का रिकॉर्ड

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1 टिप्पणियाँ

  1. भोजपुरी के शेक्सपियर भिखारी ठाकुर जी नाम पर क्यों नहीं

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