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छपरा में साहित्य समारोह: पंकज कुमार को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान

छपरा में साहित्य का बड़ा आयोजन, प्रो. पंकज कुमार को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान

दिनेश कुशवाह के काव्य-पाठ ने बांधा समां, साहित्य और शिक्षा से जुड़े लोगों ने की शिरकत

छपरा साहित्य समारोह में प्रो. पंकज कुमार को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान

छपरा, 09 अगस्त | रामजयपाल कॉलेज, छपरा स्थित श्री लक्ष्मीनारायण यादव अध्ययन केंद्र में रविवार को आयोजित ‘सम्मान समारोह सह काव्य पाठ’ में साहित्य, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण लोग जुटे। कार्यक्रम में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के निवर्तमान आचार्य एवं अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) पंकज कुमार को उनके दीर्घ अकादमिक योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान से सम्मानित किया गया।

समारोह में वरिष्ठ कवि एवं अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा के निवर्तमान आचार्य एवं अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) दिनेश कुशवाह ने काव्य-पाठ किया। उनकी कविताओं में प्रेम, मानवीय संवेदना, सामाजिक विषमता और हाशिये पर खड़े लोगों के सवालों की झलक देखने को मिली।

विश्वविद्यालय ज्ञान और संवाद की प्रयोगशाला : पंकज कुमार

सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रो. (डॉ.) पंकज कुमार ने आयोजकों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि किसी शिक्षक के लिए यह गौरव की बात है कि उसके विद्यार्थी और समाज उसकी बौद्धिक यात्रा को याद रखें।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह प्रश्न करने, असहमति को स्वीकार करने और बेहतर समाज की कल्पना करने की जगह है। राजनीति विज्ञान के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह विषय केवल सत्ता को समझने तक सीमित नहीं, बल्कि मनुष्य, समाज और लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने का भी माध्यम है।

प्रो. पंकज कुमार ने कहा कि आज सूचनाओं की उपलब्धता बढ़ी है, लेकिन संवाद का संकट भी दिखाई देता है। ऐसे समय में साहित्य और सामाजिक विज्ञान की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने युवाओं से पुस्तकों से जुड़ने, तर्कशील बनने और अपने समय के सवालों से संवाद करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि इस तरह के समारोहों में सम्मान केवल व्यक्ति का नहीं, बल्कि ज्ञान, शिक्षा और मानवीय मूल्यों का सम्मान होता है।

ज्ञान और साहित्य के प्रति सम्मान जरूरी : वीरेन्द्र नारायण यादव

छपरा के साहित्य समारोह में उपस्थित साहित्यप्रेमी

समारोह के आयोजक प्रो. (डॉ.) वीरेन्द्र नारायण यादव, आचार्य, अध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा सह विधान परिषद् सदस्य ने स्वागत भाषण में कहा कि किसी समाज की वास्तविक समृद्धि केवल भौतिक उपलब्धियों से तय नहीं होती। उसकी बौद्धिक चेतना, साहित्यिक संवेदना और श्रेष्ठजनों के प्रति सम्मान भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि छपरा साहित्य और ज्ञान की समृद्ध परंपरा वाली धरती है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी में पढ़ने, विचार करने और संवाद करने की संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने समारोह में उपस्थित साहित्यकारों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, संस्कृतिकर्मियों और साहित्यप्रेमियों का स्वागत किया।

दिनेश कुशवाह की कविताओं में सामाजिक सरोकार 

कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण वरिष्ठ कवि प्रो. (डॉ.) दिनेश कुशवाह रहे। उन्होंने अपने काव्य-पाठ के माध्यम से सामाजिक विषमता, प्रेम, मानवीय संवेदना और हाशिये पर खड़े लोगों के सवालों को सामने रखा।

उनके दो चर्चित कविता-संग्रह ‘इसी काया में मोक्ष’ और ‘इतिहास में अभागे’ प्रकाशित हैं। कुशवाह की रचनाओं में प्रेम, स्त्री, श्रम, सामाजिक विषमता, इतिहास और हाशिये के मनुष्य के सवाल प्रमुखता से आते हैं। 

उनकी कविता ‘इतिहास में अभागे’ इतिहास लेखन के उस पक्ष पर सवाल उठाती है, जिसमें निर्माण करने वाले श्रमिक, पीड़ित और वंचित लोग अक्सर इतिहास के पन्नों से गायब कर दिए जाते हैं। वहीं ‘इसी काया में मोक्ष’ में कवि मनुष्य के भीतर की सुंदरता और आत्मीय संबंध की तलाश करते हुए उस मनुष्य की आकांक्षा व्यक्त करता है, जिसे पाकर जीवन की सार्थकता का अनुभव हो।

कुशवाह की रचनाओं की विशेषता यह है कि उनका प्रेम भी सामाजिक है और उनका सामाजिक सरोकार भी मानवीय। ‘इतिहास में अभागे’ में वे इतिहास के केंद्र से बाहर कर दिए गए लोगों की स्मृति को सामने लाते हैं, जबकि ‘इसी काया में मोक्ष’ मनुष्य के भीतर मनुष्य की तलाश करती है।

काव्य-पाठ के दौरान उनकी प्रस्तुति को श्रोताओं ने सराहा। उनकी कविताओं में प्रेम के साथ सामाजिक चेतना और मानवीय सरोकारों की अभिव्यक्ति दिखाई दी।

प्रो. लाल बाबू यादव ने कहा कि समाज में बढ़ते विभाजन के दौर में साहित्य लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि पंकज कुमार का अकादमिक जीवन और दिनेश कुशवाह की सामाजिक चेतना ने आयोजन को ‌ज्ञान, विचार और कविता के त्रिवेणी- संगम‌ में बदल दिया।

साहित्य और शिक्षा जगत से जुड़े लोग रहे मौजूद

समारोह के समन्वयक प्रो. (डॉ.) सिद्धार्थ शंकर, अध्यक्ष, हिन्दी विभाग, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा तथा प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार सिन्हा, विभागाध्यक्ष, हिन्दी, राजेन्द्र कॉलेज, छपरा सहित साहित्य और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत की।

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इस अवसर पर पूर्व विधायक डॉ. सी. एन. गुप्ता, डॉ. दिनेश पाल, प्रो. कृष्ण कांत, विद्यासागर विद्यार्थी, डॉ. श्याम शरण, अरविन्द यादव, डॉ. राजू बैठा, कर्मचारी नेता राजेंद्र सिंह, प्राचार्य प्रो. के. पी. श्रीवास्तव, जदयू नेत्री पूनम कुमारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन नदीम अहमद ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. उषा देवी ने किया। आयोजन में सम्मान समारोह के साथ काव्य-पाठ और साहित्यिक संवाद ने कार्यक्रम को विशेष बनाया।

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