एकमा नगर पंचायत में ध्वजारोहण के दौरान बड़ी चूक, उल्टा फहराया गया तिरंगा
हरा रंग ऊपर और केसरिया नीचे होने की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
छपरा, 15 अगस्त | देशभर में शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर अमर शहीदों को नमन किया गया। इसी बीच सारण जिले के एकमा नगर पंचायत कार्यालय परिसर से राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान तिरंगा उल्टा फहराए जाने की तस्वीर और वीडियो सामने आए हैं।
ध्वजारोहण में हुई बड़ी चूक
बताया जा रहा है कि ध्वजारोहण के दौरान राष्ट्रीय ध्वज का हरा रंग ऊपर और केसरिया रंग नीचे था। इस दौरान मौके पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों का ध्यान कथित तौर पर इस गलती पर नहीं गया।
बता दें कि स्वतंत्रता दिवस को लेकर ध्वजारोहण की तैयारियां और व्यवस्थाओं का निरीक्षण कई दिन पहले से किया जाता है। इसके बावजूद नगर पंचायत कार्यालय जैसे सरकारी परिसर में इस तरह की चूक ने ध्वजारोहण की व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी भारतीय झंडा संहिता के दिशा-निर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज को उल्टे रूप में प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए। तिरंगे में केसरिया पट्टी ऊपर, सफेद बीच में और हरी पट्टी नीचे होनी चाहिए।
तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
घटना की तस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर नाराजगी जताते हुए इसे राष्ट्रीय ध्वज के प्रति गंभीर लापरवाही बताया।
बताया जा रहा है कि तस्वीरें और वीडियो फेसबुक, एक्स तथा व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए। सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद नगर पंचायत प्रशासन में भी खलबली मच गई।
बाद में सुधारी गई गलती
मामला सामने आने के बाद उल्टे फहराए गए तिरंगे को नीचे उतारकर सही तरीके से फहराए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, तब तक घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हो चुके थे।
क्या कहती है भारतीय झंडा संहिता?
भारतीय झंडा संहिता, 2002 में राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन और उसके सम्मान को लेकर नियम निर्धारित हैं। संहिता के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानजनक स्थान पर प्रदर्शित किया जाना चाहिए और उसका केसरिया रंग ऊपर तथा हरा रंग नीचे होना चाहिए।
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राष्ट्रीय ध्वज को उल्टे रूप में प्रदर्शित करना झंडा संहिता के निर्धारित नियमों के विपरीत है। वहीं, राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सार्वजनिक रूप से अपमान या अनादर से संबंधित प्रावधान किए गए हैं।
जांच और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कराने और ध्वजारोहण के दौरान मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर सरकारी कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
अब देखना होगा कि इस मामले में नगर पंचायत प्रशासन या जिला प्रशासन की ओर से कोई जांच अथवा कार्रवाई की जाती है या नहीं।



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