छपरा जंक्शन पर ‘समस्या हो तो संपर्क करें’ का बोर्ड, मोबाइल नंबर पर पेंट! यात्रियों के सामने बड़ा सवाल
समस्या | रेलवे
छपरा जंक्शन | छपरा रेलवे जंक्शन परिसर में रिजर्वेशन काउंटर की जगह बदले जाने के बाद यात्रियों की सुविधा के लिए लगाया गया एक सूचना बोर्ड अब खुद ही सवालों के घेरे में नजर आ रहा है। बोर्ड पर यात्रियों को समस्या होने पर संपर्क करने का संदेश तो दिया गया है और मोबाइल का संकेत भी बनाया गया है, लेकिन संपर्क के लिए लिखा गया मोबाइल नंबर अब दिखाई नहीं दे रहा है। तस्वीर को गौर से देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि नंबर लिखे गए हिस्से पर बाद में पेंट कर उसे ढक दिया गया है।
रिजर्वेशन काउंटर की जगह बदली, यात्रियों की सुविधा के लिए लगाया बोर्ड
छपरा रेलवे जंक्शन परिसर में जिस स्थान पर पहले दूर-दराज की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए रिजर्वेशन का कार्य होता था, उस हिस्से को नए तरीके से विकसित करने के लिए तोड़कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। रिजर्वेशन के लिए फिलहाल दूसरी जगह व्यवस्था की गई है।
जगह बदले जाने के कारण यात्रियों और संबंधित लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए रेलवे की ओर से संबंधित स्थान पर सूचना बोर्ड लगाया गया है। बोर्ड पर ‘RESTRICTED AREA’ यानी प्रतिबंधित क्षेत्र की सूचना के साथ ‘WORK IN PROGRESS’ लिखा है।
यात्रियों को संबंधित स्थान पर प्रवेश नहीं करने की जानकारी देने के साथ-साथ समस्या होने पर संपर्क करने का संदेश भी बोर्ड पर दिया गया है। मोबाइल से संपर्क करने का संकेत भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
लेकिन यहीं से मामला दिलचस्प हो जाता है।
मोबाइल का संकेत बचा, नंबर पर पेंट क्यों?
बोर्ड को गौर से देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि जहां संपर्क के लिए मोबाइल नंबर लिखा गया था, उस हिस्से पर बाद में पेंट कर दिया गया है। मोबाइल का संकेत और संपर्क करने का संदेश तो मौजूद है, लेकिन नंबर दिखाई नहीं दे रहा।
अब सवाल यह है कि यदि बोर्ड यात्रियों की सुविधा के लिए लगाया गया था तो संपर्क नंबर को बाद में क्यों ढक दिया गया?
क्या बोर्ड लगाने के बाद उसकी तस्वीर खिंच गई और व्यवस्था पूरी दिख गई, लेकिन बाद में संपर्क नंबर इसलिए हटा दिया गया कि समस्या होने पर यात्री या अन्य लोग फोन कर परेशान न करें? तो यह रेलवे की कितनी बड़ी लापरवाही है कि यात्रियों की सुविधा के लिए लगाए गए बोर्ड पर संपर्क नंबर ही पढ़ने योग्य नहीं छोड़ा गया?
फिलहाल नंबर हटाए जाने की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं है। लेकिन तस्वीर में नंबर वाले हिस्से पर पेंट के निशान इस पूरे मामले पर सवाल जरूर खड़े करते हैं।
ऐसे में किसी यात्री को रिजर्वेशन की बदली हुई व्यवस्था को लेकर परेशानी होती है तो वह संपर्क करे तो आखिर किससे करे? स्थिति यह है कि यात्रियों को जानकारी के अभाव में आसपास के लोगों और टेम्पू चालकों से पूछताछ करना पड़ता है।
‘समस्या होने पर संपर्क करें’... लेकिन संपर्क किससे?
बोर्ड को देखकर सवाल उठना स्वाभाविक है कि ‘तत्काल टिकट संबंधी कोई असुविधा होने पर हेल्पलाईन नम्बर’ लिखकर रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट छपरा जं० मोबाइल नम्बर व मंडल सुरक्षा नियंत्रण कक्ष मो० नं० मोबाइल का संकेत तो लगा दिया गया, लेकिन संपर्क नंबर ही उपलब्ध नहीं है। यात्रियों की सुविधा के लिए लगाए गए बोर्ड में अगर सबसे जरूरी जानकारी ही गायब हो जाए तो सूचना का उद्देश्य कितना पूरा होता है, यह अपने आप में सवाल है।
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तो क्या रेलवे ने एक ही बोर्ड से दो काम कर दिए—यात्रियों को बता दिया कि समस्या होने पर संपर्क करें और संपर्क नंबर नहीं देकर खुद संपर्क की समस्या से भी बच गया?
छपरा जंक्शन पर लगे इस बोर्ड की तस्वीर अब रेलवे से यही सवाल पूछ रही है-
‘समस्या होने पर संपर्क करें’... लेकिन नंबर कहां है?
ऐसा भी होता है हमारे छपरा में!




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