बाढ़ और तटबंध सुरक्षा
नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद सारण में बाढ़ का अलर्ट: डीएम-एसएसपी ने 40 किमी तटबंध का किया निरीक्षण, 5000 सैंड बैग तैयार रखने का निर्देश
छपरा, 27 अगस्त | नेपाल के कैचमेंट एरिया से पानी छोड़े जाने के कारण संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सारण जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में समाहरणालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर सभी संबंधित विभागों को पूरी तत्परता के साथ तैयारी रखने का निर्देश दिया गया है। इसी क्रम में डीएम वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने बुधवार को संयुक्त रूप से सारण तटबंध के किमी 40.00 से किमी 80.00 तक का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पानापुर, तरैया, अमनौर और मकेर में तटबंध के आसपास चिन्हित आश्रय स्थलों तथा सामुदायिक किचेन के लिए चयनित स्थलों का भी जायजा लिया गया। इस दौरान अधिकारियों ने संभावित बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित रखने और राहत व्यवस्था को लेकर की गई तैयारियों की समीक्षा की।
तटबंध सुरक्षित, संवेदनशील स्थलों पर सैंड बैग रखने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान सारण तटबंध वर्तमान में सुरक्षित पाया गया। हालांकि, संवेदनशील एवं आक्रम्य स्थलों पर अधिक से अधिक संख्या में सैंड बैग तथा अन्य कटाव निरोधी सामग्री उपलब्ध रखने का निर्देश कार्यपालक अभियंता को दिया गया।
हैजलपुर में कटाव निरोधक कार्य का भी निरीक्षण
डीएम और एसएसपी ने मकेर अंचल के हैजलपुर में पूर्ण कराए गए कटाव निरोधक कार्य का भी स्थलीय निरीक्षण किया। यहां कार्य की स्थिति संतोषजनक पाई गई। हालांकि, स्थल से कुछ आगे कुछ घरों के कटाव की आशंका को देखते हुए कटाव निरोधक कार्य जारी मिला।
डीएम ने कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि संबंधित स्थल पर कटाव निरोधक कार्य को तत्काल पूरा कराया जाए। साथ ही आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए कम से कम 5000 सैंड बैग और अन्य आवश्यक कटाव निरोधी सामग्रियों का भंडारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क करने के निर्देश
डीएम और एसएसपी ने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों और अंचलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में तटबंधों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
तटबंध के आसपास और नदी क्षेत्र की ओर रहने वाले लोगों को संभावित खतरे के प्रति सतर्क करने के लिए लगातार माइकिंग कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही नदी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को उनके पशुओं सहित चिन्हित आश्रय स्थलों पर भेजने की तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया।
आश्रय स्थलों और सामुदायिक किचेन की तैयारी पूरी करने का आदेश
आश्रय स्थलों और सामुदायिक किचेन के लिए चयनित स्थलों के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि आदेश जारी कर प्रत्येक कर्मी की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाए।
संबंधित वेंडर के चयन और भोजन की आपूर्ति से जुड़ी सभी तैयारियां तत्काल पूरी करने को कहा गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर सामुदायिक किचेन और आश्रय स्थलों का संचालन बिना किसी परेशानी के शुरू किया जा सके।
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डीएम ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करने तथा संभावित बाढ़ की स्थिति में आमजन की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, संबंधित बीडीओ, सीओ और थानाध्यक्ष समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



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