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स्पाइसजेट और मेकमायट्रिप के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में मामला दर्ज

स्पाइसजेट और मेकमायट्रिप के खिलाफ छपरा उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज, आयोग ने मामला किया पंजीकृत

लेखिका | सुनिता कुमारी 'गुंजन'

छपरा, 16 जुलाई | एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट लिमिटेड (SpiceJet Limited) और ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म मेकमायट्रिप इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (MakeMyTrip India Pvt. Ltd.) के विरुद्ध कथित सेवा में कमी और उड़ान रद्द होने की सूचना समय पर नहीं देने के आरोपों को लेकर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, छपरा में उपभोक्ता शिकायत दर्ज की गई है। आयोग ने इस शिकायत को वाद संख्या DC/218/CC/37/2026 के रूप में पंजीकृत कर लिया है।

छपरा उपभोक्ता आयोग में स्पाइसजेट और मेकमायट्रिप के खिलाफ दर्ज उपभोक्ता शिकायत का सांकेतिक चित्र

क्या है पूरा मामला?

शिकायत के अनुसार, अधिवक्ता अभय कुमार मिश्रा ने 21 अक्टूबर 2025 को Goibibo के माध्यम से घरेलू विमान यात्रा का टिकट बुक कराया था। उनकी यात्रा 25 अक्टूबर 2025 को निर्धारित थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निर्धारित उड़ान पहले ही रद्द कर दी गई थी, लेकिन इसकी पूर्व सूचना उन्हें समय पर नहीं दी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि वे तय समय पर हवाई अड्डे पहुंचे, जहां उन्हें उड़ान रद्द होने की जानकारी मिली।

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अधिक कीमत पर खरीदना पड़ा दूसरा टिकट 

शिकायतकर्ता का आरोप है कि उड़ान रद्द होने के बाद उन्हें न तो कोई वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था उपलब्ध कराई गई और न ही आवश्यक सहयोग दिया गया। उनका कहना है कि मजबूरी में उन्हें अधिक कीमत देकर दूसरी उड़ान का टिकट खरीदना पड़ा। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और उनके पेशेवर कार्य भी प्रभावित हुए।

मुआवजे की मांग 

शिकायत में मानसिक पीड़ा, आर्थिक क्षति और हुई असुविधा के लिए उचित मुआवजे की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने संबंधित कंपनियों से संपर्क कर समाधान निकालने के कई प्रयास किए, लेकिन संतोषजनक समाधान नहीं मिलने पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज कराई।

आयोग में होगी सुनवाई 

आयोग द्वारा शिकायत पंजीकृत किए जाने के बाद अब मामले की सुनवाई निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ेगी। आयोग दोनों पक्षों के तर्क और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले पर विचार करेगा। 

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समाचार लिखे जाने तक स्पाइसजेट लिमिटेड और मेकमायट्रिप इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

यह मामला यात्रा सेवाओं में उपभोक्ताओं को समय पर सूचना देने, सेवा प्रदाताओं की जिम्मेदारियों और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को सामने लाता है। अब जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की आगामी सुनवाई और निर्णय पर सभी की नजर रहेगी।



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