सारण में स्वास्थ्य व्यवस्था पर डीएम सख्त, डॉक्टरों को समय पर अस्पताल पहुंचने और अनावश्यक रेफरल रोकने का निर्देश
छपरा, 31 जुलाई | सारण में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को समय पर अस्पताल पहुंचकर सेवा भाव से कार्य करने का निर्देश दिया और कर्तव्य में कोताही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
बैठक में मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर किए जाने के मामलों पर विशेष जोर दिया गया। डीएम ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों (MOIC) को प्रत्येक रेफरल की निगरानी करने तथा यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि जिस उपचार की सुविधा संबंधित अस्पताल में उपलब्ध है, उसका लाभ मरीज को वहीं मिले। साथ ही रेफरल के कारणों का नियमित विश्लेषण करने को भी कहा गया।
समीक्षा के दौरान सभी अस्पतालों में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने, डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा 8 घंटे का ड्यूटी रोस्टर लागू करने के निर्देश दिए गए। सभी पीएचसी एवं सीएचसी में चिकित्सकों और जीएनएम का मोबाइल नंबर सहित ड्यूटी रोस्टर दीवार पर प्रदर्शित करने को भी कहा गया, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को आवश्यक जानकारी आसानी से मिल सके।
बैठक में रोगी कल्याण समिति की सक्रियता बढ़ाने, आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति, एएनएम की कार्यप्रणाली, संस्थागत प्रसव, दवा उपलब्धता तथा आवश्यकता पड़ने पर दवाओं की खरीद सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। डीएम ने कहा कि जिन एएनएम की कार्यशैली से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, उनके विरुद्ध रिपोर्ट भेजी जाए।
टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा के दौरान अभियान की प्रगति की सराहना की गई। साथ ही समयबद्ध लक्ष्य हासिल करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने तथा भव्या पोर्टल पर सभी आवश्यक प्रविष्टियां समय पर सुनिश्चित करने के लिए संबंधित कर्मियों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए।
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बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने कहा कि आमजन को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय, जवाबदेही और सेवा भावना के साथ कार्य करना होगा।


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