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बिहार में सोशल मीडिया क्रिएटर्स के लिए कमाई का रास्ता खुलने की तैयारी, 1 लाख व्यूज पर ₹10 हजार तक भुगतान
पटना, 20 अगस्त | बिहार में सोशल मीडिया और ऑनलाइन मीडिया के जरिए सरकारी योजनाओं व विकास कार्यों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने वाले क्रिएटर्स और मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए नई संभावनाएं बन सकती हैं। राज्य कैबिनेट ने बिहार सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया नीति/नियमावली में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इसके बाद पात्र क्रिएटर्स और ऑनलाइन मीडिया प्लेटफॉर्म को सरकार से भुगतान मिलने की व्यवस्था लागू होने का रास्ता साफ हो सकता है।
1 लाख व्यूज पर अधिकतम ₹10 हजार
कैबिनेट के फैसले के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक, पात्र कंटेंट को मिले 1 लाख व्यूज के लिए अधिकतम 10 हजार रुपये तक भुगतान का प्रावधान हो सकता है। इसी अनुपात में 10 लाख व्यूज होने पर यह राशि अधिकतम 1 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो या पोस्ट के वायरल होने पर स्वतः भुगतान मिलेगा। भुगतान के लिए निर्धारित पात्रता, कंटेंट का विषय, संबंधित प्लेटफॉर्म, व्यूज की सत्यापन प्रक्रिया और अन्य शर्तें पूरी करना जरूरी होगा।
सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने पर फोकस
प्रस्तावित व्यवस्था के पीछे सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को डिजिटल माध्यम से व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का उद्देश्य है। इसके लिए सोशल मीडिया पर सक्रिय क्रिएटर्स और ऑनलाइन मीडिया संस्थानों को सरकारी सूचना प्रसार से जोड़ने की दिशा में पहल की जा रही है।
बिहार सरकार की सोशल मीडिया एवं ऑनलाइन मीडिया पॉलिसी-2024 में पहले से ही व्यक्तिगत आवेदकों और पंजीकृत कंपनियों के एम्पैनलमेंट की व्यवस्था मौजूद है।
किन क्रिएटर्स को मिलेगा लाभ, अभी स्पष्ट नहीं
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब निगाहें संशोधित नियमों और उसकी विस्तृत अधिसूचना पर हैं। इसमें यह स्पष्ट होना बाकी है कि किन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को योजना के दायरे में रखा जाएगा और किस प्रकार की सामग्री को भुगतान के लिए योग्य माना जाएगा।
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इसके अलावा फॉलोअर्स की संख्या, कंटेंट की पहुंच, व्यूज, एम्पैनलमेंट या पंजीकरण और अन्य पात्रता मानकों को लेकर भी अंतिम दिशा-निर्देश महत्वपूर्ण होंगे।
अधिसूचना से सामने आएगी पूरी तस्वीर
संशोधित व्यवस्था की अधिसूचना जारी होने के बाद आवेदन प्रक्रिया, व्यूज के सत्यापन, भुगतान की गणना और अधिकतम राशि समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की स्थिति साफ होगी। इसलिए फिलहाल 1 लाख व्यूज पर 10 हजार रुपये को अधिकतम संभावित भुगतान के तौर पर देखा जाना चाहिए, न कि प्रत्येक वीडियो या पोस्ट पर मिलने वाली तय रकम के रूप में।
डिजिटल कंटेंट बनाने वालों के लिए नया अवसर
यदि यह व्यवस्था निर्धारित शर्तों के साथ लागू होती है, तो बिहार में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों पर तथ्यात्मक एवं उपयोगी डिजिटल कंटेंट तैयार करने वाले पात्र क्रिएटर्स और ऑनलाइन मीडिया संस्थानों के लिए आय का एक नया माध्यम बन सकता है। खासकर स्थानीय स्तर पर सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म इससे लाभान्वित हो सकते हैं।


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