छपरा बाढ़ अलर्ट
छपरा में संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट: डीएम वैभव श्रीवास्तव ने की उच्चस्तरीय बैठक, अधिकारियों की छुट्टियां रद्द
छपरा (सारण), 26 अगस्त |नेपाल के कैचमेंट एरिया से पानी छोड़े जाने के कारण उत्पन्न होने वाली संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सारण जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद और अलर्ट मोड में आ गया है। इसे लेकर बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिला पदाधिकारी (DM) वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें तमाम संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में सिविल सर्जन, कमांडेंट होमगार्ड, जिला पशुपालन पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), बीडीओ, सीओ, थाना प्रभारियों के साथ-साथ जल संसाधन, बाढ़ नियंत्रण और पथ निर्माण विभाग के अभियंता मौजूद रहे।
डीएम और एसएसपी के कड़े निर्देश
मुख्यालय में रहना अनिवार्य: डीएम ने सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को लगातार अपने मुख्यालय में बने रहने का निर्देश दिया है। सक्षम अनुमति के बिना किसी भी अधिकारी को मुख्यालय छोड़ने या अवकाश पर जाने की अनुमति नहीं होगी।
पुलिस प्रशासन मुस्तैद: वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) सारण रोशन कुमार ने सभी थाना प्रभारियों को अलर्ट रहने को कहा है। साथ ही चौकीदारों को सक्रिय रखने तथा वायरलेस, मोबाइल और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए संचार व्यवस्था को 24 घंटे सुचारु रखने के निर्देश दिए गए।
अफवाहों पर लगाम: सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सूचनाओं की तत्काल तथ्य-जांच (Fact-check) करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की भ्रामक खबर से समाज में पैनिक या अफवाह न फैले। बीडीओ को माइकिंग के जरिए लोगों को सतर्क करने को कहा गया है।
राहत शिविर, सामुदायिक किचन और तटबंधों पर विशेष नजर
राहत और भोजन की तैयारी: सभी प्रखंडों में संभावित सामुदायिक किचन, राहत केंद्र और ऊंचे व सुरक्षित स्थलों को पहले से चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। सूखा राशन, गैस सिलेंडर और टेंट-पंडाल के लिए वेंडरों से एडवांस समन्वय स्थापित करने को कहा गया है।
संवेदनशील तटबंधों की निगरानी: जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को संवेदनशील तटबंधों पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। वहां पर्याप्त मात्रा में बालू, बोरा, गैबियन और अन्य जरूरी सामग्री का स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं।
⛵ नाव परिचालन और स्वास्थ्य सेवाओं के कड़े इंतजाम
सुरक्षित नाव संचालन: नदियों में नाव परिचालन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। अंधेरे में नाव चलाने और ओवरलोडिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। नावों पर लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरण रखना अनिवार्य किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट: सिविल सर्जन को सभी मेडिकल टीमों, बीएचएम और स्वास्थ्यकर्मियों को अलर्ट रहने को कहा गया है। अस्पतालों में एंटी-वेनम, जीवनरक्षक दवाएं, क्लोरीन टैबलेट और ब्लीचिंग पाउडर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीओ और बीडीओ खुद अस्पतालों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का सत्यापन करेंगे।
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जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आपदा से निपटने के लिए पूर्व तैयारी ही सबसे बड़ा बचाव है और सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

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