सारण के सरकारी अस्पतालों में बड़ी डिजिटल पहल, अब बेड, डॉक्टरों की ड्यूटी और जांच सेवाएं होंगी ऑनलाइन
छपरा, 06 अगस्त | सारण जिले के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ी डिजिटल पहल शुरू की गई है। भव्या पोर्टल के माध्यम से अब अस्पतालों में उपलब्ध बेड, डॉक्टरों की ड्यूटी, जांच सेवाओं और मरीजों के इलाज की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। इससे मरीजों और उनके परिजनों को अस्पतालों की कई महत्वपूर्ण जानकारियां ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेंगी।
स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार अब सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, रेफरल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में आने वाले इमरजेंसी मरीजों का भी भव्या पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसके साथ ही प्रत्येक मरीज की आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा आईडी) बनाई जाएगी और उसका इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे इलाज का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा।
इलाज की पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
भव्या पोर्टल पर मरीज के अस्पताल पहुंचने से लेकर डिस्चार्ज तक की पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज होगी। इसमें पंजीकरण, चिकित्सकीय परामर्श, नर्सिंग वाइटल, पैथोलॉजी जांच, एक्स-रे, रेडियोलॉजी जांच, दवा वितरण और डिस्चार्ज तक की पूरी प्रक्रिया शामिल होगी। विशेष रूप से सड़क दुर्घटना, हार्ट अटैक और अन्य आपातकालीन मामलों में मरीजों को बिना देरी के उपचार उपलब्ध कराने में यह व्यवस्था मददगार साबित होगी।
बेड, डॉक्टर और जांच सेवाओं की मिलेगी ऑनलाइन जानकारी
नई व्यवस्था के तहत जिला अस्पताल से लेकर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक उपलब्ध सभी बेड की संख्या ऑनलाइन दर्ज होगी। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का ड्यूटी रोस्टर भी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके अलावा अस्पतालों में उपलब्ध जांच सेवाओं की जानकारी भी डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगी। इससे मरीज पहले से यह जान सकेंगे कि किस अस्पताल में कौन-सा विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद है और कहां बेड उपलब्ध हैं।
हर भर्ती मरीज की बनेगी आभा आईडी
जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम अरविन्द कुमार ने बताया कि प्रत्येक भर्ती मरीज की आभा आईडी बनाई जाएगी। इसके साथ उसका इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड भी तैयार होगा। भविष्य में यदि मरीज राज्य के किसी भी सरकारी अस्पताल में इलाज कराएगा तो डॉक्टर उसके पुराने इलाज, जांच रिपोर्ट, दवाओं और मेडिकल इतिहास को डिजिटल रूप से देख सकेंगे। इससे इलाज अधिक तेज और सटीक होगा।
मोबाइल पर सुरक्षित रहेगा पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड
आभा आईडी बनने के बाद मरीज को मेडिकल फाइलें, जांच रिपोर्ट और पुराने पर्चे साथ लेकर चलने की जरूरत नहीं होगी। डॉक्टर की पर्ची, लैब रिपोर्ट, एक्स-रे, दवाओं का विवरण और अन्य स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे, जिन्हें जरूरत पड़ने पर मरीज अपने मोबाइल से किसी भी अस्पताल या डॉक्टर के साथ साझा कर सकेगा।
ओपीडी मरीजों की भी बनेगी आभा आईडी
स्वास्थ्य विभाग ने बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में आने वाले प्रत्येक मरीज की 100 प्रतिशत आभा आईडी बनाने का निर्देश दिया है। परामर्श, जांच और दवा वितरण के बाद उसका इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार करना भी अनिवार्य होगा। इससे भविष्य में मरीज को बार-बार अपनी बीमारी और इलाज से जुड़ी जानकारी देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
क्या है भव्या पोर्टल?
भव्या, बिहार सरकार का डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म है। इसके माध्यम से सरकारी अस्पतालों में मरीजों के पंजीकरण, उपचार, जांच, दवा वितरण, भर्ती और डिस्चार्ज सहित पूरी स्वास्थ्य सेवा का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखा जाता है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और मरीज-केंद्रित बनाना है।
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