सारण में लंबित राजस्व मामलों पर सख्ती, डीएम ने तय समय में निष्पादन के दिए निर्देश
सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को लंबित मामलों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अभियान बसेरा, दाखिल-खारिज, भूमि मापी, परिमार्जन और सरकारी भूमि से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया।
छपरा, 03 जुलाई | सारण समाहरणालय सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में अपर समाहर्ता, सभी डीसीएलआर, अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली, दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि मापी, भूमि विवादों के निस्तारण और सरकारी भूमि की सुरक्षा से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। तकनीकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान कर मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अभियान बसेरा की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले को 1,157 पर्चा वितरण का लक्ष्य मिला है। इसके विरुद्ध अब तक 534 मामलों की अपलोडिंग हो चुकी है, जबकि 630 मामले शेष हैं। लक्ष्य की समय-सीमा निकट होने के कारण डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को शेष कार्य शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही डीसीएलआर को अपनी टीम के साथ बैठक कर आवश्यक अभिलेख तैयार कराने को कहा।
डिफेक्ट वाले आवेदनों की समीक्षा के दौरान डीएम ने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों का प्रतिदिन निस्तारण किया जाए, ताकि लंबित आवेदनों की संख्या कम हो। उन्होंने प्रत्येक अमीन को प्रतिदिन कम-से-कम दो भूमि मापी सुनिश्चित करने और उसकी नियमित निगरानी करने का भी निर्देश दिया।
विकास परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने के संबंध में जिलाधिकारी ने कहा कि रद्द जमाबंदियों की भूमि का परीक्षण कर एक एकड़ या उससे अधिक उपयुक्त सरकारी भूमि चिन्हित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि चिन्हित भूमि नदी, जल निकाय या जल स्रोत की नहीं होनी चाहिए तथा भूमि की किस्म का सत्यापन खतियान के आधार पर किया जाए। यह कार्य अगले सप्ताह तक पूरा करने का निर्देश दिया गया।
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बैठक में विभिन्न डिग्री कॉलेजों की स्थापना के लिए आवश्यक भूमि चिन्हित करने, अंतर्विभागीय स्थानांतरण के प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने और अमीनवार कार्य निष्पादन की रिपोर्ट तैयार करने का भी निर्देश दिया गया। डीएम ने कहा कि जिन अमीनों का कार्य संतोषजनक नहीं होगा, उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को आमजन की शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से निस्तारण करने तथा सभी राजस्व योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
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