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सारण जिला अस्पताल में पहली पेनलेस नॉर्मल डिलीवरी, नई उपलब्धि

सारण जिला अस्पताल में पहली बार पेनलेस नॉर्मल डिलीवरी, एपिड्यूरल तकनीक से मिली बड़ी सफलता

सारण जिला अस्पताल में एपिड्यूरल तकनीक से पहली पेनलेस नॉर्मल डिलीवरी के बाद नवजात शिशु के साथ डॉक्टर।

छपरा 02 अगस्त | सारण जिला अस्पताल ने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में एक नई उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में पहली बार एपिड्यूरल एनाल्जीसिया (Epidural Analgesia) तकनीक की मदद से सफलतापूर्वक पेनलेस नॉर्मल डिलीवरी कराई गई। इससे अब प्रसव के दौरान महिलाओं को कम दर्द के साथ सामान्य प्रसव की आधुनिक सुविधा सरकारी अस्पताल में भी उपलब्ध होगी।

क्या है एपिड्यूरल एनाल्जीसिया?

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एपिड्यूरल एनाल्जीसिया एक आधुनिक दर्द-निवारक तकनीक है, जिसका उपयोग सामान्य प्रसव के दौरान प्रसव पीड़ा को काफी हद तक कम करने के लिए किया जाता है। इस तकनीक से महिला पूरी तरह बेहोश नहीं होती और डॉक्टरों के निर्देशानुसार सामान्य प्रसव की प्रक्रिया में सक्रिय रहती है।

कैसे की गई पेनलेस डिलीवरी?

छपरा के सारण जिला अस्पताल में सफल पेनलेस नॉर्मल डिलीवरी के बाद नवजात शिशु के साथ चिकित्सक।

जिला अस्पताल में यह प्रक्रिया प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग और एनेस्थीसिया विभाग के संयुक्त प्रयास से सफलतापूर्वक पूरी की गई। इस दौरान रीढ़ के निचले हिस्से में एपिड्यूरल स्पेस के जरिए दवा देकर प्रसव पीड़ा को नियंत्रित किया गया। आवश्यकता पड़ने पर इसी माध्यम से सिजेरियन ऑपरेशन के लिए भी एनेस्थीसिया दिया जा सकता है।

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सरकारी अस्पतालों में बढ़ रही आधुनिक सुविधाएं

स्वास्थ्य विभाग ने इसे सारण जिला अस्पताल की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। विभाग का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है तथा मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाया जा रहा है।

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