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सारण: रिविलगंज शवदाहगृह जल्द होगा चालू, रिवर फ्रंट व गंगा संरक्षण योजनाओं की समीक्षा

सारण: रिविलगंज शवदाहगृह जल्द होगा चालू, रिवर फ्रंट और गंगा संरक्षण योजनाओं को मिली रफ्तार

सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव जिला गंगा समिति की बैठक में रिविलगंज शवदाहगृह, रिवर फ्रंट और गंगा संरक्षण योजनाओं की समीक्षा करते हुए।

छपरा, 01 अगस्त | सारण में गंगा संरक्षण और तटवर्ती क्षेत्रों के विकास को लेकर जिला प्रशासन ने कई अहम फैसले लिए हैं। शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित जिला गंगा समिति की बैठक में रिविलगंज शवदाहगृह को जल्द चालू करने, रिवर फ्रंट परियोजनाओं में तेजी लाने और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने रिविलगंज में बनकर तैयार शवदाहगृह के अब तक शुरू नहीं होने पर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को इसे शीघ्र संचालित करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी नगर निकायों और अंचलाधिकारियों को सात दिनों के भीतर शवदाहगृह के लिए उपलब्ध एवं संभावित भूमि की रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक प्रखंड में भी कम-से-कम एक शवदाहगृह स्थापित करने के लिए भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए गए।

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गंगा घाटों के विकास को लेकर डीएम ने माझी के अटल घाट के अलावा सोनपुर, दिघवारा और रिविलगंज में रिवर फ्रंट परियोजनाओं की प्रगति तेज करने का निर्देश दिया। वहीं, दिघवारा के आमी मंदिर घाट और मशरख के शवदाह स्थल के पास भी आवश्यक भूमि चिन्हित करने को कहा गया।

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 15 अगस्त तक जिले में 15 लाख पौधारोपण का लक्ष्य तय किया गया है। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समन्वय बनाकर लक्ष्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा छपरा और दिघवारा के गंगा पार दियारा क्षेत्र में बायोडायवर्सिटी पार्क विकसित करने की दिशा में भी कार्रवाई तेज करने को कहा गया।

समाहरणालय छपरा में आयोजित जिला गंगा समिति की बैठक में डीएम वैभव श्रीवास्तव के साथ गंगा संरक्षण, रिवर फ्रंट विकास और पर्यावरणीय योजनाओं पर चर्चा करते अधिकारी।

बैठक में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) और कंपोस्ट प्रबंधन योजनाओं की भी समीक्षा की गई। साथ ही स्लज के कृषि उपयोग की संभावनाओं का अध्ययन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश जिला कृषि पदाधिकारी को दिया गया।

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जिलाधिकारी ने कहा कि गंगा संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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