अब मोबाइल ऐप से बुक होगी खाद, FSAS से पारदर्शी होगी उर्वरक बिक्री व्यवस्था
छपरा, 2 सितंबर | सारण जिले में उर्वरक की खरीद और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए Framework for Fertilizer Sale Application System (FSAS) लागू किया जा रहा है। इसके सफल क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को संयुक्त कृषि भवन, बाजार समिति स्थित सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्रीय प्रबंधक, NFL की ओर से किया गया। इसमें जिला कृषि पदाधिकारी, उप निदेशक कृषि अभियंत्रण, सहायक निदेशक शस्य, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, जिला कृषि विपणन पदाधिकारी समेत कृषि विभाग के विभिन्न पदाधिकारी एवं कर्मियों ने भाग लिया।
मोबाइल ऐप से होगी खाद की बुकिंग
नई व्यवस्था के तहत किसानों को अपने मोबाइल फोन में Framework for Fertilizer Sale (FFS) App डाउनलोड करना होगा। किसान आधार संख्या और OTP अथवा Face Authentication के माध्यम से ऐप में लॉगिन कर खेती किए जा रहे प्लॉट और संबंधित फसल की जानकारी दर्ज करेंगे।
दर्ज जानकारी के आधार पर General Fertilizer Recommendation (GFR) के तहत पूरे फसल सीजन के लिए प्रस्तावित उर्वरक की मात्रा ऐप पर दिखाई जाएगी। किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक की मात्रा का चयन कर QR Code जेनरेट कर सकेंगे।
ऐप के जरिए बुकिंग में परेशानी होने पर किसान CSC, वसुधा केंद्र, FPO, PACS, स्वयं सहायता समूह, कृषि समन्वयक अथवा किसान सलाहकार की सहायता ले सकेंगे।
POS मशीन और बायोमेट्रिक से मिलेगा उर्वरक
खुदरा उर्वरक विक्रेता POS मशीन के माध्यम से अपनी Retailer ID और PIN से लॉगिन करेंगे। इसके बाद संबंधित प्रखंड एवं राजस्व ग्राम का चयन कर Latitude और Longitude दर्ज किया जाएगा।
उर्वरक वितरण के समय किसान का बायोमेट्रिक लिया जाएगा और उसके QR Code को स्कैन किया जाएगा। इसके बाद किसान के लिए निर्धारित मात्रा के अनुसार निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा।
शिकायतों के समाधान की तय समय-सीमा
उर्वरक वितरण से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पंचायत से जिला स्तर तक शिकायत निवारण की व्यवस्था की गई है।
पंचायत स्तर पर कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकार द्वारा दो कार्य दिवस के अंदर समस्या का समाधान किया जाएगा। समाधान नहीं होने पर मामला प्रखंड कृषि पदाधिकारी को भेजा जाएगा।
प्रखंड स्तर पर जांच के बाद तीन कार्य दिवस में समाधान किया जाएगा। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर मामला अनुमंडल स्तर पर भेजा जाएगा, जहां पांच कार्य दिवस में कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ने पर मामला जिला कृषि पदाधिकारी के स्तर पर भेजा जाएगा, जहां सात कार्य दिवस के अंदर शिकायत के समाधान की कार्रवाई की जाएगी।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर रहेगी कड़ी नजर
जिले में उर्वरक की कालाबाजारी, मुनाफाखोरी और जमाखोरी रोकने के लिए नियमित निगरानी एवं छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है।
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जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक निर्धारित प्रक्रिया और निर्धारित दर पर ही खरीदें। किसी भी तरह की अनियमितता या शिकायत होने पर जिला हेल्प डेस्क अथवा संबंधित प्रखंड कृषि पदाधिकारी से संपर्क करें।
- जिला हेल्प डेस्क: 06152-248042
- मोबाइल: 9031645882


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