महासचिव पद से हटाए जाने के बाद चंपत राय ने तोड़ी चुप्पी, रामभक्तों के नाम लिखा पत्र
अयोध्या, 07 जुलाई | राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से हटाए जाने के बाद चंपत राय ने मंगलवार को पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने रामभक्तों के नाम एक पत्र जारी कर कहा कि वर्ष 2024 से दानपात्र की गणना के दौरान कथित चोरी को लेकर उन पर कई आरोप लगाए गए, लेकिन उन्होंने जानबूझकर इस पूरे मामले पर मौन बनाए रखा।
चंपत राय ने कहा कि सोमवार को ट्रस्ट की बैठक में विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। चूंकि यह रिपोर्ट अब तक गोपनीय थी, इसलिए उन्होंने इस मामले पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी।
उन्होंने कहा कि SIT की अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वह अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का तथ्यात्मक जवाब देंगे।
अपने पत्र में चंपत राय ने लिखा कि वर्ष 1991 में संगठन ने उन्हें अयोध्या भेजा था। पिछले 45 वर्षों का उनका सार्वजनिक जीवन एक खुली किताब की तरह रहा है और उन्हें विश्वास है कि सच सभी के सामने आएगा।
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पत्र के अंत में उन्होंने कहा कि उन्हें सत्य और न्याय पर पूरा भरोसा है। उन्होंने रामभक्तों से अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि अंततः "सत्य की ही जीत होगी।"
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