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शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में बड़े फैसले: लाइब्रेरियन के 7 हजार से अधिक पद भरने की तैयारी, संस्कृत-मदरसा शिक्षकों के बकाये वेतन पर बड़ा निर्देश
पटना, 18 अगस्त | बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पटना के मदन मोहन सभागार में शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में शिक्षकों से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे, विद्यालयों में खाली पड़े पुस्तकालय अध्यक्षों (लाइब्रेरियन) के पदों को भरने और संस्कृत एवं मदरसा शिक्षकों के बकाये वेतन के भुगतान को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गे।
7 हजार से अधिक लाइब्रेरियन के पद भरने की तैयारी
बैठक में राज्य के सरकारी विद्यालयों में पुस्तकालय अध्यक्षों के 7 हजार से अधिक रिक्त पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया पर विचार किया गया। इससे सरकारी स्कूलों में पुस्तकालय व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा विभाग में नवनियुक्त 48 अधिकारियों को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) की जिम्मेदारी सौंपने पर भी विचार किया जा रहा है। इससे प्रखंड स्तर पर विभागीय कामकाज और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
संस्कृत-मदरसा शिक्षकों के 7 माह के बकाये वेतन का भुगतान
समीक्षा बैठक में संस्कृत और मदरसा शिक्षकों के लंबित वेतन भुगतान को लेकर भी बड़ा निर्देश दिया गया। सात महीने के बकाये वेतन का भुगतान 5 सितंबर 2026 से पहले करने की तैयारी है।
इससे लंबे समय से बकाये वेतन का इंतजार कर रहे शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है। विभाग को निर्धारित समयसीमा के भीतर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने पर जोर दिया गया है।
5 सितंबर के बाद ऑफलाइन आवेदन बंद
शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को डिजिटल बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। 5 सितंबर के बाद सभी प्रकार के ऑफलाइन आवेदन बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद संबंधित आवेदन और विभागीय कार्य ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना तथा मामलों के निपटारे में तेजी लाना है।
शिक्षकों के लंबित मामलों को शून्य करने का निर्देश
शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों से जुड़े सभी लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने और उन्हें शून्य स्तर पर लाने का निर्देश अधिकारियों को दिया। उन्होंने विभागीय योजनाओं और फैसलों का लाभ विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा आम लोगों तक समय पर पहुंचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
19 सितंबर को प्रधानाध्यापकों की कार्यशाला
बैठक में प्रधानाध्यापकों की कार्यशाला आयोजित करने की भी जानकारी दी गई। 19 सितंबर को पटना के ज्ञान भवन में प्रधानाध्यापकों की कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें विद्यालयों के संचालन और शिक्षा विभाग की योजनाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।
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समीक्षा बैठक में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्रवाई पूरी करने पर जोर दिया गया।



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