Advertisement

मढ़ौरा जामा मस्जिद से नहीं निकलेगा मिलाद-उल-नबी का जुलूस, अमन की होगी दुआ

मिलाद-उल-नबी पर जामा मस्जिद से नहीं निकलेगा जुलूस, मस्जिद में होगी इबादत और अमन की दुआ

मढ़ौरा जामा मस्जिद की तस्वीर, जहां मिलाद-उल-नबी पर इबादत और अमन की दुआ होगी

छपरा, 24 अगस्त | मिलाद-उल-नबी के अवसर पर सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे का संदेश देने की दिशा में सकारात्मक पहल की गई है। सारण के मढ़ौरा बाजार स्थित जामा मस्जिद से इस वर्ष भी मिलाद-उल-नबी का जुलूस नहीं निकाला जाएगा। जामा मस्जिद प्रबंधन ने मस्जिद परिसर में ही इबादत और दुआ करने का निर्णय लिया है। इस दौरान देश में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिए दुआ की जाएगी।

मिलाद-उल-नबी इस्लामी कैलेंडर के तीसरे महीने रबी-उल-अव्वल में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन की याद में मनाया जाने वाला प्रमुख पर्व है। धार्मिक आयोजन के साथ मानवता, करुणा, शांति और भाईचारे के संदेश को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी जामा मस्जिद प्रबंधन की इस पहल का स्वागत किया है।

सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे की दिशा में सकारात्मक कदम

जामा मस्जिद के सदर डॉ. फरजंद अहमद और मोहम्मद अली ने बताया कि मिलाद-उल-नबी के मौके पर मस्जिद में विशेष इंतजाम किए गए हैं। मौलानाओं और उलेमाओं की ओर से पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की जिंदगी, उनके आदर्शों और मानवता के लिए दिए गए संदेशों पर तकरीर की जाएगी। साथ ही लोगों से शांति, सद्भाव और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की जाएगी।

डॉ. फरजंद अहमद ने बताया कि पिछले वर्ष भी मढ़ौरा जामा मस्जिद की ओर से जुलूस नहीं निकालने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की याद में जरूरतमंदों की मदद करना, गरीबों के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित करना और मस्जिद में शांतिपूर्ण ढंग से इबादत व दुआ करना समाज के लिए अधिक उपयोगी और प्रेरणादायक पहल है।

यह भी पढ़ें: तरैया में नर्तकी से हथियार के बल पर दुष्कर्म का आरोप

मस्जिद प्रबंधन के इस निर्णय को सामाजिक सद्भाव, शांति और आपसी भाईचारे की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ