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बुडको के नाला निर्माण पर मेयर ने उठाए सवाल, जांच की मांग | छपरा

बुडको की कार्यशैली से शहर बेहाल, मेयर ने सांसद व विभाग को लिखा पत्र। निर्माण में लापरवाही का आरोप, 50 से अधिक स्थानों की खामियों का भेजा गया विवरण

बुडको के नाला निर्माण में अनियमितता के आरोप को लेकर सांसद राजीव प्रताप रूडी से मुलाकात करते छपरा के मेयर लक्ष्मी नारायण गुप्ता।

छपरा, 20 जुलाई | छपरा नगर निगम क्षेत्र में बुडको द्वारा कराए जा रहे नाला निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर मेयर लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सांसद राजीव प्रताप रूडी तथा नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को पत्र भेजकर निर्माण कार्यों में बरती गई गड़बड़ियों से अवगत कराया है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। 

मेयर ने पत्र में कहा है कि बरसात के दौरान शहर के कई हिस्सों में जलजमाव की गंभीर समस्या बनी हुई है। जिन इलाकों में बुडको द्वारा नालों का निर्माण कराया गया है, वहां भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा। कई स्थानों पर निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब है, जबकि कई जगह काम अधूरा छोड़ दिया गया है।

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उन्होंने बताया कि श्यामचक से दारोगा राय चौक और थाना चौक के बीच नाला निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है। इसके कारण आसपास के मोहल्लों के नालों का पानी मुख्य नाले तक नहीं पहुंच पा रहा है। कई स्थानों पर बीच-बीच में गैप छोड़ दिए गए हैं, जिससे जलनिकासी बाधित हो रही है। मेयर ने अपने पत्र में शहर के 50 से अधिक स्थानों पर निर्माण में अनियमितता का उल्लेख करते हुए विस्तृत विवरण भी दिया है।

जलनिकासी की बदहाली से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित, जिम्मेदारों पर उठे सवाल

मेयर ने कहा कि घटिया और अधूरे निर्माण कार्यों का खामियाजा शहर की लगभग चार लाख आबादी को भुगतना पड़ रहा है। ब्रह्मपुर, दारोगा राय चौक, बस स्टैंड रोड, नगर पालिका चौक, कचहरी स्टेशन रोड, थाना चौक, डाक बंगला रोड, साहेबगंज रोड, मौना, सरकारी बाजार, गांधी चौक, तेलपा, नेहरू चौक रोड और भिखारी चौक जैसे व्यस्त इलाकों में जलजमाव आम समस्या बन गई है।

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उन्होंने कहा कि शहर व्यापारिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण केंद्र है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से जलनिकासी व्यवस्था बदहाल होने के कारण लोगों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार संबंधित विभाग का ध्यान इस ओर दिलाया गया, लेकिन सुधार की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई।

मेयर के अनुसार कई जगह बिना समुचित योजना के निर्माण किया गया है। कहीं नाले अधूरे छोड़ दिए गए हैं तो कहीं स्लैब की ऊंचाई मानक के अनुरूप नहीं है। इससे बरसात में जलजमाव के साथ-साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इन कमियों को दूर नहीं किया गया तो समस्या और गंभीर हो सकती है।

शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले खनुआ नाला परियोजना पर भी उठे सवाल

मेयर ने नमामि गंगे परियोजना के तहत बन रहे ऐतिहासिक खनुआ नाला के निर्माण पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि खनुआ नाला शहर की जलनिकासी की लाइफलाइन है और अधिकांश वार्डों का पानी इसी से होकर निकलता है। इसके बावजूद निर्माण कार्य की गति काफी धीमी है और कई स्तरों पर अनियमितताएं देखने को मिल रही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के तहत सलेमपुर से शिल्पी चौक के बीच बने नाले और सड़क निर्माण में भी कई कमियां हैं। कहीं नाले की ऊंचाई अधिक है तो कहीं कम, जबकि कई स्थानों पर ढलान भी सही तरीके से नहीं बनाया गया है। इससे भविष्य में जलनिकासी प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

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