सारण में निक्षय मित्र योजना को मिला जनसहयोग, 218 टीबी मरीजों को मिलेगा पोषण सहयोग
छपरा, 11 जुलाई | टीबी मुक्त भारत अभियान को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में सारण जिले में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की पहल को व्यापक जनसहयोग मिला है। शनिवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित निक्षय मित्र योजना कार्यक्रम में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने स्वयं निक्षय मित्र बनकर पांच टीबी मरीजों को गोद लिया और उन्हें पहले माह का फूड बास्केट प्रदान किया।
वहीं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, चिकित्सकों और अधिकारियों ने भी आगे आकर 218 टीबी मरीजों को निक्षय मित्र योजना के तहत गोद लेकर उनके पोषण सहयोग की जिम्मेदारी ली।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी केवल दवा से ही नहीं, बल्कि बेहतर पोषण, समय पर उपचार और सामाजिक सहयोग से भी पूरी तरह ठीक हो सकती है। उन्होंने कहा कि निक्षय मित्र योजना के माध्यम से कोई भी व्यक्ति, संस्था, स्वयंसेवी संगठन या जनप्रतिनिधि टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार के दौरान पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध करा सकता है। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने की अपील की।
छह माह तक मिलेगा फूड बास्केट
जिलाधिकारी द्वारा गोद लिए गए पांचों मरीजों को लगातार छह माह तक प्रत्येक महीने फूड बास्केट उपलब्ध कराया जाएगा। इसी प्रकार अन्य निक्षय मित्र भी अपने-अपने द्वारा गोद लिए गए मरीजों को छह माह तक पोषण सामग्री उपलब्ध कराएंगे, ताकि उपचार के दौरान उन्हें आवश्यक पौष्टिक आहार मिल सके और वे जल्द स्वस्थ हो सकें।
218 टीबी मरीजों को मिला सहयोग
कार्यक्रम में ठाकुरबाड़ी महिला विकास कल्याण समिति ने 50, रोटरी क्लब छपरा ने 50, अखंड ज्योति अस्पताल ने 30, इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने 25, सीडीओ डॉ. रत्नेश्वर प्रसाद ने 20, सदर अस्पताल छपरा ने 15, डॉ. राजीव रंजन ने 10, रोटरी सारण ने 5, सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने 5, जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने 5 तथा जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने 3 टीबी मरीजों को गोद लिया। इन सभी के सहयोग से जिले के 218 टीबी मरीजों को निक्षय मित्र योजना का लाभ मिलेगा।
राशन कार्ड बनाने के दिए निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन टीबी मरीजों का अभी तक राशन कार्ड नहीं बना है, उनका प्राथमिकता के आधार पर राशन कार्ड बनाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें सरकार की खाद्यान्न योजनाओं का भी लाभ मिल सके।
जिले में तेज़ी से चल रहा टीबी स्क्रीनिंग अभियान
जिलाधिकारी ने बताया कि सारण जिले में टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए गांव-गांव और स्वास्थ्य संस्थानों में व्यापक टीबी स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान और जांच कर उनका उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान, नियमित इलाज, पर्याप्त पोषण और समाज के सहयोग से टीबी को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।
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सक्षम लोगों से आगे आने की अपील
जिलाधिकारी ने समाज के सक्षम नागरिकों, उद्योगपतियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों से निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को गोद लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि उपचार के दौरान मिलने वाला पोषण और सामाजिक सहयोग मरीजों का आत्मविश्वास बढ़ाता है तथा उन्हें जल्द स्वस्थ होने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी, सीडीओ डॉ. रत्नेश्वर प्रसाद, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अरविंद कुमार, जिला कार्यक्रम समन्वयक रमेशचंद्र कुमार, टीबी डीपीसी हिमांशु शेखर, सीफार के डीसी गनपत आर्यन सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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