Advertisement

RSS का Gen Z पर फोकस: 6 अगस्त को Gen Z से संवाद करेंगे मोहन भागवत

RSS का Gen Z पर फोकस: बदलते भारत में युवाओं से संवाद की नई रणनीति

संपादक की कलम से | विशेष लेख

संपादकीय: RSS प्रमुख मोहन भागवत का Gen Z युवाओं से संवाद, विशेष लेख।

भारत की नई पीढ़ी अब केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र, नेतृत्व और सार्वजनिक विमर्श में भी अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज करा रही है। इसका ताजा उदाहरण हाल ही में नीट पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस पीढ़ी से जुड़ने के लिए इंस्टाग्राम पर नए अंदाज में वीडियो साझा कर रहे हैं। ऐसे बदलते सामाजिक परिदृश्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी युवाओं से सीधे संवाद की दिशा में पहल की है। इसी कड़ी में संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत 6 अगस्त को मुंबई में आयोजित एक विशेष युवा सम्मेलन में देशभर से आए लगभग 2,000 छात्रों को संबोधित करेंगे।

युवाओं के बीच क्यों पहुंच रहा है RSS?

समाज और राजनीति में युवाओं की बढ़ती भागीदारी अब किसी परिचय की मोहताज नहीं है। रोजगार, शिक्षा, तकनीक, लोकतंत्र और राष्ट्रीय मुद्दों पर Gen Z खुलकर अपनी राय रख रही है। सोशल मीडिया ने इस पीढ़ी को अपनी बात रखने का ऐसा मंच दिया है, जहां उनकी आवाज़ कुछ ही समय में राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन जाती है।

ऐसे दौर में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और वैचारिक संस्थाओं ने भी युवाओं से संवाद बढ़ाने की दिशा में अपने प्रयास तेज किए हैं। RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत का आगामी कार्यक्रम भी इसी बदलते परिदृश्य का हिस्सा माना जा रहा है।

मुंबई में होगा विशेष सम्मेलन

6 अगस्त को मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) में आयोजित यह कार्यक्रम इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइटेड नेशंस (I.I.M.U.N.) की 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर होगा। इसमें देश के 100 से अधिक शहरों से आए 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के करीब 2,000 छात्र-छात्राएं भाग लेंगे।

यह भी पढ़ें: IAS तुकाराम मुंढे कौन हैं? 25 तबादलों के बाद भी नहीं बदली सख्त कार्यशैली

कार्यक्रम के दौरान डॉ. मोहन भागवत लोकतंत्र, नेतृत्व, नागरिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर युवाओं से संवाद करेंगे। सम्मेलन की थीम "The Role of Youth in Uniting the World, the Indian Way" रखी गई है। आयोजन में छात्र स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा और वाद-विवाद में भी हिस्सा लेंगे।

I.I.M.U.N. क्या है?

वर्ष 2011 में ऋषभ शाह द्वारा स्थापित I.I.M.U.N. युवाओं में नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से काम करता है। संस्था के अनुसार उसके कार्यक्रम भारत के 275 शहरों और 40 देशों तक पहुंच चुके हैं। संगठन का दावा है कि वह 7.5 करोड़ से अधिक युवाओं और 1.5 लाख से अधिक स्कूलों एवं कॉलेजों के साथ जुड़ चुका है।

क्या संदेश देता है यह कार्यक्रम?

यह कार्यक्रम केवल एक संबोधन भर नहीं है। यह इस बात का संकेत भी है कि आज भारत में Gen Z केवल भविष्य की पीढ़ी नहीं, बल्कि वर्तमान की प्रभावशाली आवाज़ बन चुकी है। यही कारण है कि सरकार, राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन और वैचारिक संस्थाएं—सभी युवाओं तक अपनी बात पहुंचाने और उनकी बात सुनने के नए तरीके तलाश रहे हैं।

संवाद लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंबई में होने वाला यह संवाद युवा पीढ़ी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच किस तरह का नया विमर्श तैयार करता है।

यह भी पढ़ें: गुरु पूर्णिमा का महत्व: भारतीय गुरु परंपरा और भगवा ध्वज

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ