शिक्षा | व्यवस्था
सारण के स्कूलों में सुविधाओं की होगी पड़ताल, जर्जर भवन से लेकर शौचालय-पेयजल तक पर डीएम सख्त
सारण, 21 अगस्त | जिले के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने गुरूवार को शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न विषयों की समीक्षा करते हुए जर्जर भवन, शौचालय, पेयजल, बिजली, स्कूल तक पहुंचने वाले रास्ते, भूमि और शैक्षणिक व्यवस्था में मौजूद कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर करने का निर्देश दिया।
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, कार्यक्रम पदाधिकारी, विभिन्न स्कंधों के प्रभारी पदाधिकारी, कनीय अभियंता सहित शिक्षा विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
जर्जर भवनों में नहीं बैठेंगे बच्चे
विद्यालयों के जर्जर और असुरक्षित कमरों की समीक्षा के दौरान डीएम ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और संबंधित कनीय अभियंताओं को संयुक्त रूप से स्पष्ट एवं तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। रिपोर्ट में जर्जर कमरों की संख्या, ऐसे कमरों की अलग सूची जिनमें बच्चों को बैठाना संभव नहीं है और मामूली मरम्मत के बाद उपयोग योग्य बनाए जा सकने वाले कमरों का अलग-अलग विवरण देने को कहा गया।
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अत्यंत जर्जर और असुरक्षित कमरों में किसी भी परिस्थिति में विद्यार्थियों को नहीं बैठाया जाए। विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
शौचालय, पेयजल और स्कूल तक पहुंचने वाले रास्ते होंगे दुरुस्त
विद्यालयों में स्वच्छ, सुरक्षित और पर्याप्त शौचालय तथा पेयजल की सुविधा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जहां नए शौचालय की आवश्यकता है, वहां निर्माण, मरम्मत की जरूरत वाले शौचालयों की मरम्मत तथा पुराने शौचालय को हटाकर नए निर्माण की आवश्यकता होने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
पेयजल व्यवस्था के लिए नल-जल या चापाकल के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वच्छ और सुगम पानी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
विद्यालयों तक पहुंचने वाले रास्तों की भी समीक्षा की गई। जहां रास्ता कच्चा है, वहां आवश्यकता के अनुसार सोलिंग, पेवर ब्लॉक या पीसीसी के माध्यम से सड़क निर्माण कराने को कहा गया। निजी भूमि से होकर रास्ता गुजरने की स्थिति में आवश्यक एनओसी लेने और सरकारी भूमि होने पर नियमानुसार सड़क निर्माण कराने का निर्देश दिया गया।
भूमि और भवनविहीन विद्यालयों के संबंध में भी डीएम ने त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहां विद्यालय संचालित हो रहा है, उसके 500 मीटर से एक किलोमीटर के दायरे में उपयुक्त सरकारी भूमि उपलब्ध होने पर उसका चिन्हांकन किया जाए। संबंधित अधिकारियों को अंचलाधिकारी से एनओसी प्राप्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की गुणवत्ता पर भी जोर
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के निरीक्षण और अधिकारियों के भ्रमण प्रतिवेदनों की समीक्षा करते हुए डीएम ने छात्राओं को बेहतर सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध कराने को संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी बताया। निरीक्षण के दौरान कमी या लापरवाही मिलने पर संबंधित वार्डन से स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने जिले के किसी एक कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय को मॉडल के रूप में विकसित करने और सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को उसका भ्रमण कराकर उसी मानक के अनुरूप अन्य विद्यालयों को विकसित करने का निर्देश दिया।
लाइव क्लास, स्मार्ट क्लास और ICT लैब की भी समीक्षा
बैठक में लाइव क्लास की भी समीक्षा की गई। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि शाम 4 बजे से 6 बजे तक ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से IIT और NEET की कोचिंग दी जा रही है। इसके लिए राज्य में 155 संस्थान चिन्हित किए गए हैं, जिनमें सारण जिले के पांच संस्थानों को स्वीकृति मिली है।
मॉडल स्कूलों में संचालित स्मार्ट क्लास की समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी प्रधानाध्यापकों को शनिवार तक विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन पूरा कराने और सोमवार से इंटरएक्टिव क्लास का नियमित संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
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ICT लैब की समीक्षा के दौरान डीएम ने कंप्यूटर शिक्षकों से विद्यालयों में संचालित कंप्यूटर पाठ्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने योग्य शिक्षकों को रोबोटिक्स किट और कंप्यूटर से संबंधित विषयों में मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया। इसके बाद मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से विद्यालयवार बैच तैयार कर जिला स्कूल में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया।
मॉडल स्कूलों में रिक्तियों, लैब, नाइट गार्ड सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली गई।
विद्यालयों की आधारभूत संरचना के लिए कार्ययोजना बनाने का निर्देश
डीएम ने विद्यालयों की अत्यंत आवश्यक आधारभूत संरचना से संबंधित कमियों के लिए समग्र कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन समिति से योजना पारित कराकर आवश्यक कार्य कराया जाए, ताकि मूलभूत सुविधाओं की कमी को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जा सके।
प्रखंड विकास पदाधिकारियों और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों द्वारा किए गए विद्यालय निरीक्षण के प्रतिवेदनों की भी समीक्षा की गई। सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने और कमियों का समयबद्ध निराकरण कराने का निर्देश दिया गया।
मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर निगरानी का निर्देश
विद्यालयों में किचन शेड और मध्याह्न भोजन की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि छपरा सदर और सोनपुर सहित संबंधित प्रखंडों में एनजीओ के माध्यम से मध्याह्न भोजन की आपूर्ति की जा रही है तथा अन्य प्रखंड भी टैग किए गए हैं।
डीएम ने निर्देश दिया कि जहां किचन शेड उपलब्ध है, वहां बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाए। जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारी इन व्यवस्थाओं की नियमित भौतिक जांच करें तथा भोजन की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखें।
लंबित मामलों की भी हुई समीक्षा
बैठक में एमजेसी, एमएसीपी, एसीपी, सेवेंथ पे, स्थापना शाखा और अनुकंपा से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई। डीएम ने सभी संबंधित मामलों की समेकित एवं अंतिम रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
सारण गुरु प्रोजेक्ट की भी समीक्षा की गई और कक्षाओं के शेड्यूल की जानकारी ली गई। साइंस स्ट्रीम के सभी विषयों के शिक्षकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
पूर्व में दिए गए बायो-फेंसिंग संबंधी निर्देशों की भी समीक्षा हुई। जानकारी दी गई कि प्रखंड स्तर पर जहां स्थान उपलब्ध था, वहां कार्य पूरा हो चुका है, जबकि मॉडल स्कूल और डिग्री कॉलेज में कार्य शेष है। डीएम ने शेष कार्य जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया।
इसके अलावा राजकीय विद्यालयों से संबंधित बैठक के लिए नियमित शेड्यूल तैयार करने तथा सभी नियोजन इकाइयों को नियोजन संबंधी स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन जारी करने का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया गया।
पालना घर का भी किया निरीक्षण
शिक्षा विभाग की बैठक के बाद जिला पदाधिकारी ने डीआरडीए परिसर में संचालित पालना घर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों और कर्मियों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली तथा टेबल, वॉलपेपर, साफ-सफाई, लाइट और पंखे सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को जल्द दुरुस्त कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने भवन निर्माण विभाग को पालना घर में पंखा और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त कराने तथा ICDS एवं DPM, वन स्टॉप सेंटर को टेबल, वॉलपेपर और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
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डीएम ने कहा कि विद्यालयों और बालिका आवासीय संस्थानों में विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ चिन्हित कमियों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।



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