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सीवान में फिर छात्र आक्रोश, एसपी को बर्खास्त करने की मांग

सीवान में फिर सड़क पर उतरा छात्र आक्रोश, एसपी को बर्खास्त करने की मांग

प्रशासन | सीवान

सीवान में छात्र संगठनों का जनाक्रोश मार्च

25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान सीवान में छात्र प्रदर्शन के बीच पुलिसकर्मी के एके-47 से फायरिंग का वीडियो वायरल होने के बाद मामला भले ही पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया हो, लेकिन छात्र संगठनों का आक्रोश अभी थमा नहीं है। मंगलवार को आइसा और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सीवान शहर में जनाक्रोश मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने 25 जुलाई की पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए एसपी पूरण कुमार झा को बर्खास्त करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

वायरल वीडियो के बाद सिपाही निलंबित, विभागीय जांच शुरू

25 जुलाई की घटना के दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा एके-47 से फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए फायरिंग करने वाले सिपाही अभिषेक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई।

वहीं, जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय और पुलिस अधीक्षक पूरण कुमार झा ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया था कि छात्र प्रदर्शन के दौरान किसी भी पुलिसकर्मी को फायरिंग का आदेश नहीं दिया गया था।

अंबेडकर पार्क से निकला जनाक्रोश मार्च

जनाक्रोश मार्च में पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते प्रदर्शनकारी

मंगलवार को जनाक्रोश मार्च गोपालगंज मोड़ स्थित अंबेडकर पार्क से शुरू हुआ। प्रदर्शनकारी जेपी चौक, अस्पताल मोड़ होते हुए बबुनिया मोड़ पहुंचे और फिर वापस अंबेडकर पार्क लौटे। यहां मार्च सभा में तब्दील हो गया।

कार्यकर्ताओं ने हाथों में विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान ‘छात्रों पर एके-47 से गोली चलवाने वाले एसपी को बर्खास्त करो’, ‘एनटीए को भंग करो’ और ‘भविष्य के लिए छात्र-युवाओं का संघर्ष जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाए गए।

पुलिस कार्रवाई पर नेताओं ने उठाए सवाल

सभा को संबोधित करते हुए आइसा और आरवाईए नेताओं ने 25 जुलाई की घटना को लेकर पुलिस कार्रवाई की निंदा की। नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने एके-47 से फायरिंग और लाठीचार्ज किया, जिसमें तीन छात्र घायल हुए थे।

नेताओं ने घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने और एसपी को पद से हटाने की मांग दोहराई। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

शिक्षा और रोजगार के सवाल पर 19 अगस्त को जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा में छात्र युवा संसद आयोजित करने की घोषणा भी की गई।

मार्च के आगे-पीछे पुलिस का घेरा, 115 जवान तैनात

सीवान में छात्र संगठनों का जनाक्रोश मार्च में पुलिस का घेरा,

जनाक्रोश मार्च को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। प्रदर्शनकारियों के आगे करीब 65 और पीछे 50 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इस तरह मार्च के साथ करीब 115 जवान सुरक्षा में लगे रहे।

शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। सादे कपड़ों में गमछा लिए पुलिसकर्मी भी प्रदर्शनकारियों के बीच रहकर गतिविधियों पर नजर रखते दिखे।

समाहरणालय जाने वाला रास्ता बंद

मार्च को देखते हुए समाहरणालय जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया गया था। यहां पुलिस पदाधिकारी और जवान तैनात रहे, ताकि प्रदर्शनकारी समाहरणालय की ओर नहीं जा सकें।

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शहर में भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण राहगीरों और स्थानीय लोगों के बीच भी इसकी चर्चा रही।

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