टीबी | स्वास्थ्य
टीबी मरीजों के लिए आगे आया समाज, 55 रोगियों को मिली पोषण पोटली
छपरा, 22 अगस्त | प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी मरीजों के इलाज के साथ उनके पोषण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में साधनापुरी स्थित ठाकुरबाड़ी महिला विकास कल्याण समिति के कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित कर गोद लिए गए 55 टीबी मरीजों के बीच छठे महीने की पोषण पोटली का वितरण किया गया।
टीबी जांच और नियमित इलाज के प्रति किया जागरूक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला यक्ष्मा केंद्र के जिला योजना समन्वयक (डीपीसी) हिमांशु शेखर ने कहा कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर मरीजों को बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए। उन्होंने चिकित्सकों की सलाह के अनुसार नियमित रूप से दवा लेने की अपील की। उन्होंने ठाकुरबाड़ी महिला विकास कल्याण समिति द्वारा पिछले कई वर्षों से टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की पहल की सराहना की और इसे समाज के लिए अनुकरणीय बताया।
एसटीएस मुकेश कुमार ने मरीजों और उनके परिजनों को बताया कि टीबी के इलाज में नियमित दवा सेवन के साथ संतुलित और पौष्टिक आहार की महत्वपूर्ण भूमिका है। शरीर को पर्याप्त पोषण मिलने से मरीजों के स्वास्थ्य लाभ में मदद मिलती है। इसलिए उपचार के दौरान खानपान पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
पोषण पोटली के साथ 55 मरीजों के स्वास्थ्य की हुई निगरानी
ठाकुरबाड़ी महिला विकास कल्याण समिति की संस्थापिका सह सचिव डॉ. अंजू सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि इस चरण में शहर के करीब 55 टीबी मरीजों को छठे महीने की पोषण पोटली उपलब्ध कराई गई। इस दौरान मरीजों से संबंधित डीबीटी और अन्य समस्याओं का समाधान भी किया गया।
कार्यक्रम में सभी मरीजों का वजन दर्ज किया गया, ताकि उनके स्वास्थ्य में हो रहे बदलाव का नियमित आकलन किया जा सके। संस्था की ओर से पोषण आहार उपलब्ध कराने के साथ निश्चय मित्रों के माध्यम से मरीजों का लगातार फॉलो-अप भी किया जाता है, जिससे उपचार के दौरान उन्हें आवश्यक सहयोग मिल सके।
निश्चय मित्रों के माध्यम से लगातार लिया जा रहा फॉलो-अप
संस्था की पहल के तहत टीबी मरीजों को पोषण सहायता देने के साथ उनकी नियमित निगरानी भी की जा रही है। मरीजों से जुड़ी डीबीटी संबंधी समस्याओं के समाधान में भी सहयोग किया जाता है। संस्था का उद्देश्य उपचार के दौरान मरीजों को पोषण और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है, ताकि वे नियमित रूप से अपना इलाज जारी रख सकें।
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कार्यक्रम में जिला यक्ष्मा केंद्र के डीपीसी हिमांशु शेखर, एसटीएस मुकेश कुमार, संस्था की संस्थापिका डॉ. अंजू सिंह, वरिष्ठ पत्रकार धर्मेंद्र रस्तोगी, रुपेश कुमार सिंह, प्रीति शाही, मणि शाही, सद्दाम हुसैन और सुमन सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।



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