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तिरंगा यात्रा के बाद 30 छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, 10 को ऑक्सीजन

तिरंगा यात्रा के बाद छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, 30 की हालत गंभीर; 10 को ऑक्सीजन सपोर्ट

हर घर तिरंगा | सिवान

यात्रा के बाद अस्पताल में भर्ती छात्राओं का इलाज

भगवानपुर हाट, 14 अगस्त | स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में गुरुवार को सिवान जिले के भगवानपुर हाट स्थित एसएस उच्च विद्यालय सह इंटर कॉलेज  से निकली तिरंगा यात्रा के बाद करीब 30 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। कई छात्राओं को चक्कर आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें 10 छात्राओं का ऑक्सीजन लेवल कम होने पर उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट देना पड़ा।

यात्रा खत्म होने के बाद एक-एक कर गिरने लगीं छात्राएं

तिरंगा यात्रा विद्यालय परिसर से शुरू होकर भगवानपुर हाट बाजार होते हुए प्रखंड मुख्यालय तक गई थी। करीब एक किलोमीटर की यात्रा में सैकड़ों छात्र-छात्राएं हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए।

यात्रा समाप्त होने के बाद विद्यालय परिसर लौटते ही कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी। छात्राएं चक्कर खाकर गिरने लगीं और कुछ बेहोश हो गईं। इसके बाद एंबुलेंस के जरिए छात्राओं को भगवानपुर हाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।

10 छात्राओं को ऑक्सीजन सपोर्ट, अस्पताल किया गया अलर्ट

भगवानपुर हाट सीएचसी में छात्राओं का उपचार करते चिकित्सक

घटना की जानकारी मिलने पर बीडीओ प्रियंका कुमारी और बीईओ राकेश कुमार सीएचसी पहुंचे और छात्राओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली। बीडीओ के अनुसार, उमस, तेज धूप और कुछ छात्राओं के बिना भोजन किए विद्यालय आने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है।

स्थिति को देखते हुए बसंतपुर अस्पताल को भी अलर्ट रखा गया। सीएचसी में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने छात्राओं का उपचार शुरू किया। रौशनी कुमारी, निकहत प्रवीण, इसरत, अंशु कुमारी, शालू कुमारी, रीना कुमारी, गुड़िया कुमारी, शिल्पी कुमारी, आंसू कुमारी, सुरभि कुमारी और सोभा कुमारी समेत छात्राओं का इलाज कराया गया।

अभिभावकों ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

तिरंगा यात्रा में शामिल एसएस उच्च विद्यालय की छात्राएं

घटना के बाद विद्यालय और अस्पताल परिसर में अभिभावकों की भीड़ जुट गई। कुछ अभिभावकों ने तेज धूप और उमस के बीच बच्चों को तिरंगा यात्रा में शामिल किए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने छात्राओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होने का आरोप लगाते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

प्रधानाध्यापक लाल बाबू कुमार के अस्पताल में मौजूद नहीं मिलने को लेकर भी कुछ अभिभावकों ने नाराजगी जताई।

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छात्राओं को अस्पताल पहुंचाने और व्यवस्था संभालने में प्रखंड प्रमुख हरेंद्र पासवान, पूर्व मुखिया मनोज साहनी, समाजसेवी ललितमोहन सिंह उर्फ रिंकू सिंह समेत अन्य लोगों ने सहयोग किया। एसआई दुर्गा प्रसाद यादव भी मौके पर स्थिति पर नजर बनाए रहे।

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