शिक्षक दिवस पर विशेष
सारण की चंचला तिवारी को राजकीय शिक्षक पुरस्कार-2026, नवाचार और समर्पण को मिला सम्मान
शिक्षक दिवस पर पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में राज्यस्तरीय समारोह में होंगी सम्मानित
छपरा, 05 सितंबर। शिक्षक दिवस के अवसर पर सारण के शिक्षा जगत के लिए गौरव का क्षण है। छपरा सदर प्रखंड के बसाढ़ी स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक चंचला तिवारी का चयन राजकीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए किया गया है। शिक्षक दिवस के अवसर पर पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
चंचला तिवारी का यह चयन शिक्षा के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान, नवाचार और समर्पण की पहचान है। प्रधानाध्यापक के रूप में उन्होंने विद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया। विद्यालय की जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने शिक्षक प्रशिक्षण और शैक्षणिक नवाचार के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
शिक्षक प्रशिक्षण में भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) में संसाधन व्यक्ति के रूप में उन्होंने राज्यभर के शिक्षकों के प्रशिक्षण में योगदान दिया है। शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय (CTE), सारण में भी उन्होंने संसाधन व्यक्ति के रूप में शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, बाल-केंद्रित शिक्षा और कक्षा प्रबंधन से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
डिजिटल शिक्षा को बनाया बदलाव का माध्यम
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने में भी चंचला तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वे सारण जिले की ‘गुरु डिजिटल क्लासेज’ की नोडल शिक्षिका के रूप में कार्य कर चुकी हैं। इस दौरान उन्होंने डिजिटल शिक्षण सामग्री तैयार करने, ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन और तकनीकी संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल को बढ़ावा दिया।
विद्यालय नेतृत्व को मजबूत करने में योगदान
विद्यालय नेतृत्व और प्रशासनिक दक्षता के क्षेत्र में भी उन्होंने योगदान दिया है। प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों के लिए तैयार की गई विशेष हैंडबुक के विकास में उनकी भूमिका रही। इसमें विद्यालय प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, शैक्षणिक योजनाओं के क्रियान्वयन और अभिलेख संधारण जैसे विषयों को सरल बनाने का प्रयास किया गया है।
इसके अलावा बिहार सरकार के मॉडल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के लिए तैयार प्रशिक्षण मॉड्यूल के विकास में भी उन्होंने सहभागिता की। विद्यालय नेतृत्व, प्रशासनिक दक्षता और अकादमिक मॉनिटरिंग जैसे विषयों पर उनके अनुभव का लाभ प्रशिक्षण व्यवस्था को मिला।
विद्यालय के सहायक शिक्षक कुमार मृणाभ के अनुसार, चंचला तिवारी का यह चयन वर्षों के निरंतर परिश्रम, नवाचार और लगन का परिणाम है। उनके नेतृत्व में विद्यालय में ऐसा सकारात्मक वातावरण विकसित हुआ है, जहां विद्यार्थी सीखने के लिए प्रेरित होते हैं और शिक्षक अपने पेशेवर विकास के प्रति भी सजग रहते हैं।
सारण के लिए गौरव का क्षण
राजकीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए चंचला तिवारी के चयन से सारण के शिक्षा जगत में खुशी की लहर है। शिक्षक दिवस पर मिलने वाला यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान की पहचान है, बल्कि सारण के लिए भी गौरव का विषय है।
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चंचला तिवारी की उपलब्धि यह संदेश देती है कि शिक्षक की भूमिका केवल कक्षा में पाठ पढ़ाने तक सीमित नहीं है। नई सोच, तकनीक, नेतृत्व और समर्पण के साथ एक शिक्षक विद्यालय के साथ-साथ पूरी शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उनका यह सम्मान अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।



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