राजधानी एक्सप्रेस को पलटाने की साजिश? जांच तेज, एफएसएल ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य
छपरा, 27 जुलाई | छपरा-बलिया रेलखंड पर डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस के ट्रैक पर पानी की टंकी रखे जाने के मामले की जांच तेज हो गई है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि यह किसी शरारती तत्व की करतूत थी या ट्रेन को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोई सुनियोजित साजिश। मामले की जांच रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी), स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम संयुक्त रूप से कर रही है।
रविवार को एफएसएल की टीम घटनास्थल पर पहुंची और रेलवे ट्रैक के साथ-साथ आसपास के इलाके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। टीम ने उस मकान की छत का भी निरीक्षण किया, जहां से शुरुआती जांच के अनुसार सिंटेक्स की पानी की टंकी उतारकर रेलवे ट्रैक पर रखी गई थी। पुलिस ने टंकी और आसपास से कई नमूने जांच के लिए एकत्र किए हैं।
सारण के एसएसपी विनीत कुमार ने रिविलगंज थानाध्यक्ष को मामले में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। वहीं, रेल एसपी वीणा कुमारी के निर्देश पर एफएसएल टीम ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए। पुलिस का कहना है कि एफएसएल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
बताते चलें कि शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस गौतमस्थान रेलवे स्टेशन के पश्चिम स्थित विजय राय के टोला के समीप रेलवे ट्रैक पर रखी सिंटेक्स की पानी की टंकी से टकरा गई थी। टक्कर के बाद टंकी इंजन के अगले हिस्से में फंस गई, लेकिन लोको पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए समय रहते इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया, जिससे संभावित बड़ा रेल हादसा टल गया।
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि गांव के एक मकान की छत पर रखी नीले रंग की सिंटेक्स पानी की टंकी को अज्ञात असामाजिक तत्वों ने उतारकर रेलवे ट्रैक पर रखा था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि टंकी को छत से ट्रैक तक पहुंचाने में कितने लोग शामिल थे और इसके पीछे उनका उद्देश्य क्या था।
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रेल एसपी वीणा कुमारी ने बताया कि मामले में कुछ संदिग्धों की पहचान की गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक किसी भी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, घटना के समय अप और डाउन दोनों लाइनों से राजधानी एक्सप्रेस के गुजरने का समय था। ऐसे में रेलवे ट्रैक पर भारी पानी की टंकी रखा जाना बेहद गंभीर मामला माना जा रहा है। यदि लोको पायलट ने समय रहते इमरजेंसी ब्रेक नहीं लगाया होता, तो बड़ा रेल हादसा हो सकता था।
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मामले में छपरा जीआरपी थाना और रिविलगंज थाना में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। अब एफएसएल की रिपोर्ट और पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
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