सभी सीओ, डीसीएलआर और राजस्व अधिकारियों के साथ बैठक; म्यूटेशन, परिमार्जन, सरकारी भूमि, भूमिहीन लाभुकों और बाढ़ प्रबंधन पर दिए सख्त निर्देश
छपरा, 14 जुलाई | सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सोमवार को समाहरणालय सभागार में राजस्व एवं भूमि सुधार कार्यों की समीक्षा बैठक की।
बैठक में सभी अंचलाधिकारी (सीओ), राजस्व अधिकारी (आरओ), डीसीएलआर तथा एडीएम भूमि अर्जन मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने म्यूटेशन, परिमार्जन, सरकारी भूमि की सुरक्षा, भूमि अधिग्रहण, भूमिहीन लाभुकों को भूमि उपलब्ध कराने तथा आगामी बाढ़ की तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक की शुरुआत आगामी संभावित बाढ़ की तैयारियों की समीक्षा से हुई। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को प्रतिदिन वर्षापात का डेटा तैयार करने, राहत शिविरों एवं आश्रय स्थलों का सत्यापन करने तथा सामुदायिक रसोई के लिए स्थानों का चिह्नीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही संवेदनशील तटबंधों की निगरानी और आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान डीएम ने म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), परिमार्जन, लेफ्ट आउट जमाबंदी, भूमि मापी तथा अन्य लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन प्राप्त आवेदनों का निस्तारण किया जाए और किसी भी प्रकार की अनावश्यक लंबिती न रहे। सिविल कोर्ट में लंबित मामलों में समय पर लिखित पक्ष (डब्ल्यूएस) दाखिल करने तथा सरकारी भूमि की उपलब्धता से जुड़े आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करने को भी कहा।
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बैठक में सोनपुर में लगभग 900 एकड़ सरकारी भूमि की जमाबंदी निरस्त किए जाने की कार्रवाई को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को सरकारी भूमि के प्लॉटों की पहचान, सत्यापन और संरक्षण संबंधी कार्य पूरी गंभीरता से करने का निर्देश दिया। वहीं अमनौर अंचल में 73 एकड़ भूमि से जुड़े लंबित मापी कार्य एवं अन्य प्रस्तावों का शीघ्र सत्यापन करने को कहा गया।
भूमि अधिग्रहण मामलों की समीक्षा के दौरान डीएम ने सिंगल विंडो व्यवस्था के तहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत स्तर पर डोर-टू-डोर सर्वे, अभिश्रव (आपत्ति) संग्रह कर निर्धारित समय पर जिला मुख्यालय भेजने तथा प्रत्येक अंचल में हेल्प डेस्क स्थापित करने पर भी बल दिया, ताकि रैयतों को लंबित मामलों की जानकारी आसानी से मिल सके।
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जिलाधिकारी ने आक्राम्य एवं अति आक्राम्य स्थलों की सूची तैयार कर सभी अंचलों को उपलब्ध कराने, 'फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट' प्रणाली लागू करने, गैर-प्रदर्शन करने वाले अमीनों की समीक्षा करने तथा भूमिहीन लाभुकों को भूमि उपलब्ध कराने के लक्ष्य को समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए।
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