खनुआ नाला निर्माण की बाधाएं दूर करने को डीएम ने दिए सख्त निर्देश, सितंबर में चरणबद्ध काम पर जोर
सारण | विकास
छपरा, 18 अगस्त | शहर में जल-जमाव की समस्या के स्थायी समाधान और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज (खनुआ नाला), नल-जल योजना समेत सात निश्चय-2 की योजनाओं को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने की कवायद तेज कर दी है। सोमवार को जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में समन्वय समिति की बैठक हुई, जिसमें विभिन्न निर्माण परियोजनाओं की प्रगति और उनके सामने आ रही प्रशासनिक, तकनीकी व स्थल संबंधी समस्याओं की समीक्षा की गई।
बैठक में नगर आयुक्त, सदर एसडीओ, सदर सीओ, पथ प्रमंडल छपरा के कार्यपालक अभियंता, बुडको के प्रतिनिधि, संबंधित संवेदक, पथ निर्माण विभाग, पुल निर्माण विभाग और जिला विकास शाखा के अधिकारी मौजूद रहे।
सितंबर में चरणबद्ध तरीके से पूरा होगा काम
डीएम ने आगामी बारिश को देखते हुए निर्माण कार्यों की ऐसी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया, जिससे सितंबर में काम को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। उन्होंने आधे-आधे हिस्से में निर्माण कराने पर जोर दिया, ताकि नाला निर्माण के दौरान आम लोगों के आवागमन और यातायात पर कम से कम असर पड़े।
NOC और बिजली पोल की समस्या जल्द दूर करने का निर्देश
बैठक में बुडको की परियोजनाओं के लिए पथ निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) मिलने में आ रही दिक्कतों पर भी चर्चा हुई। डीएम ने जिला स्तर से संबंधित योजनाओं को समेकित कर पथ निर्माण विभाग को पत्र भेजने का निर्देश दिया, ताकि लंबित NOC मामलों का शीघ्र निष्पादन हो सके।
खनुआ नाला निर्माण के दौरान यूटिलिटी शिफ्टिंग, खासकर विद्युत पोल हटाने की समस्या को भी गंभीरता से लिया गया। डीएम ने विद्युत विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजने का निर्देश दिया।
निर्माण कार्यों की लगातार होगी मॉनीटरिंग
डीएम ने सदर एसडीओ को एक इंजीनियरिंग टीम गठित करने का निर्देश दिया। टीम क्षेत्र में प्रस्तावित और चल रहे सभी निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करेगी तथा काम की प्रगति और सामने आ रही समस्याओं की रिपोर्ट तैयार करेगी।
यह भी पढ़ें: खेलो इंडिया अस्मिता लीग में छपरा सदर ने जीता गोल्ड | सारण
नगर निगम क्षेत्र में निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान डीएम ने कहा कि शहर में जल-जमाव की समस्या का स्थायी और प्रभावी समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए नगर निगम और संबंधित कार्यकारी एजेंसियों को आपसी समन्वय से काम करने का निर्देश दिया गया।
रेलवे से जुड़े कार्यों में समन्वय पर जोर
जहां कल्वर्ट निर्माण, कल्वर्ट की सफाई या नाला निर्माण रेलवे की भूमि अथवा परिसंपत्तियों से जुड़ा है, वहां रेलवे से आवश्यक NOC लेने या रेलवे के समन्वय एवं निगरानी में काम कराने का निर्देश दिया गया। इसके लिए डीआरएम, रेलवे से समन्वय स्थापित करने को कहा गया।
अतिक्रमण और भूमि मापी के मामलों में एक सप्ताह की समय-सीमा
निर्माण कार्यों में जहां अतिक्रमण हटाने या भूमि की मापी की आवश्यकता है, वहां सदर अंचल अधिकारी को संबंधित मामलों में एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़ी इन महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक बाधा नहीं आनी चाहिए। सभी विभागों और कार्यकारी एजेंसियों को आपसी समन्वय से लंबित समस्याओं का त्वरित समाधान कर निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया गया।
यह भी पढ़ें: बीजेपी की नई टीम में बिहार के तीन नेताओं को जिम्मेदारी, स्मृति-वसुंधरा भी शामिल
उन्होंने संबंधित अधिकारियों और संवेदकों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ-साथ निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने को भी कहा।



0 टिप्पणियाँ