बिहार कैबिनेट का शिक्षा विभाग पर बड़ा फैसला: निजी विश्वविद्यालयों से लेकर छात्रावास निर्माण और शिक्षक स्थानांतरण नियमावली को मिली मंजूरी
#पटना, 25 जून |मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कल यानि बुधवार को बिहार कैबिनेट हुई. इस बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी. बैठक में उच्च शिक्षा के विस्तार, जनजातीय छात्रों के लिए सुविधाएं और शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर बड़े फैसले लिए गये.
कई निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी
कैबिनेट ने उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत निजी क्षेत्र में नए विश्वविद्यालयों की स्थापना और संचालन से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की. बैठक में मधुबनी, दरभंगा, नवादा, पालीगंज सहित अन्य क्षेत्रों में प्रस्तावित निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी दी गयी.
सरकार के इस फैसले से राज्य में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ने और नए संस्थानों के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है.
PM-JANMAN योजना के तहत छात्रावास निर्माण
शिक्षा विभाग के एक अन्य प्रस्ताव के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) योजना के अंतर्गत राज्य के विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के लिए छात्रावास निर्माण एवं संचालन को मंजूरी दी गयी.
इसके लिए केंद्रांश और राज्यांश मिलाकर कुल राशि की प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति प्रदान की गई है. इससे जनजातीय छात्रों को शिक्षा के लिए बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है.
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को भी मंजूरी
कैबिनेट ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA) के तहत राज्य के कई जिलों में छात्रावास निर्माण एवं संचालन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी. इस योजना के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा.
बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 को मंजूरी
शिक्षा विभाग के तहत राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों तक के शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के स्थानांतरण को विनियमित करने के लिए "बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026" को मंजूरी दी गई.
नई नियमावली लागू होने के बाद शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को नियमबद्ध और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी.
कैबिनेट के इन फैसलों से बिहार में उच्च शिक्षा विस्तार, जनजातीय शिक्षा को बढ़ावा और शिक्षक प्रशासन व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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