सारण में मादक पदार्थों की तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, एसएसपी ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश; एनसीओआरडी बैठक में बनी रणनीति
#छपरा, 25 जून | मादक पदार्थों की तस्करी और इसके अवैध उपयोग पर रोक लगाने के लिए सारण जिला प्रशासन और पुलिस ने अपनी कार्रवाई को और तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है. इसी को लेकर गुरुवार को समाहरणालय सभागार, छपरा में जिला स्तरीय एनसीओआरडी (NCORD) समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक सारण विनीत कुमार ने की.
बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध कारोबार, नशे के बढ़ते प्रभाव और इसे रोकने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई. एसएसपी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि नशे के कारोबार से जुड़ी हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाए और सूचना मिलते ही तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
सूचना तंत्र को मजबूत करने पर जोर
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए सबसे जरूरी है कि सही समय पर सही सूचना मिले. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सूचना संकलन की व्यवस्था को और मजबूत किया जाए तथा स्थानीय स्तर से मिलने वाली सूचनाओं का गंभीरता से सत्यापन कर कार्रवाई की जाए.
उन्होंने कहा कि नशे का अवैध कारोबार समाज और खासकर युवाओं के भविष्य को प्रभावित करता है. इसलिए इस पर नियंत्रण के लिए पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों को मिलकर लगातार काम करना होगा.
अनुमंडल स्तर पर कार्रवाई की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों से उनके-अपने क्षेत्र में मादक पदार्थों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी ली गई.
एसएसपी ने निर्देश दिया कि सभी थाना क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए और नशे के कारोबार से जुड़े संदिग्ध लोगों पर विशेष नजर रखी जाए. उन्होंने कार्रवाई की नियमित समीक्षा करने और प्रभावी परिणाम सुनिश्चित करने को कहा.
अवैध मादक फसलों की खेती पर भी रहेगी नजर
एनसीओआरडी बैठक में अफीम, गांजा और अन्य मादक फसलों की अवैध खेती को रोकने को लेकर भी चर्चा हुई. जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि वे अपने स्तर से ऐसी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखें.
अगर किसी क्षेत्र में मादक फसलों की खेती या उससे जुड़ी कोई जानकारी सामने आती है तो तत्काल संबंधित विभागों को सूचना देकर कार्रवाई की जाए, ताकि ऐसी गतिविधियों पर समय रहते रोक लगाई जा सके.
युवाओं को जागरूक करने के लिए चलेगा अभियान
बैठक में नशा मुक्ति को लेकर जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया. अधिकारियों ने माना कि केवल कार्रवाई से ही नशे की समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता, इसके लिए लोगों को जागरूक करना भी जरूरी है.
इसके लिए विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा.
यूपी सीमा से जुड़े क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी
बैठक में उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे थाना क्षेत्रों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया. खासकर मांझी और रिविलगंज थाना क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया.
सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की आवाजाही रोकने के लिए उत्तर प्रदेश के संबंधित थाना क्षेत्रों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्णय लिया गया. इसके लिए अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें पुलिस विभाग, उत्पाद विभाग, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और अन्य संबंधित एजेंसियां शामिल होंगी.
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इस बैठक का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करना और सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान करना होगा.
मानस पोर्टल की सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई
बैठक में मानस पोर्टल से प्राप्त सूचनाओं और इनपुट्स की भी समीक्षा की गई. एसएसपी ने निर्देश दिया कि पोर्टल पर मिलने वाली जानकारी के आधार पर त्वरित प्रतिक्रिया दी जाए और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्रवाई के बाद उसकी नियमित समीक्षा भी की जाए, ताकि व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके.
नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास जरूरी
मादक पदार्थों की समस्या से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है. अधिकारियों ने कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ने से नशे के खिलाफ अभियान को मजबूती मिलेगी.
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले में नशे के खिलाफ कार्रवाई और जागरूकता दोनों स्तरों पर लगातार काम किया जाएगा.
बैठक में अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था), अनुमंडल पदाधिकारी सदर, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, सिविल सर्जन, सहायक आयुक्त मद्य निषेध, जिला पंचायतराज पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे. वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के अन्य अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और एनसीबी पटना के प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी जुड़े रहे.
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