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छपरा कोर्ट का फैसला: जानलेवा हमला मामले में दो अभियुक्तों को 5-5 साल की सश्रम कारावास की सजा

रिविलगंज थाना कांड 2013 में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-2 की अदालत ने सुनाया फैसला, 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया

#छपरा, 19 जून | अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश- द्वितीय की अदालत ने रिविलगंज थाना कांड संख्या 126/2013 के सत्र वाद संख्या 496/2014 में सुनवाई करते हुए दो अभियुक्तों को दोषी करार दिया है. न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 सहित अन्य धाराओं में दोषी पाते हुए पांच-पांच वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है.

इन दो अभियुक्तों को मिली सजा

अदालत ने ग्राम ढेलहारी, थाना रिविलगंज, जिला सारण निवासी पवन सिंह, पिता- रामबाबू सिंह व रामबाबू सिंह, पिता- स्वर्गीय जनक देव को दोषी करार देते हुए अधिकतम पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी है. जुर्माना नहीं देने पर दोनों को अतिरिक्त 6-6 माह का कारावास भुगतना होगा.

chhapra court two accused

इन धाराओं में सुनाई गई सजा

न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत दोनों अभियुक्तों को पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया. वहीं धारा 323 के तहत 6-6 माह, धारा 341 के तहत 1-1 माह और धारा 504 के तहत 1-1 वर्ष की सजा सुनाई गई है. सभी सजाएं एक साथ चलेंगी.

पेड़ काटने के विवाद में हुआ था हमला

मामला वर्ष 2013 का है. अभियोजन के अनुसार 4 दिसंबर 2013 को खेत में सीसम का पेड़ काटने को लेकर हुए विवाद के दौरान अभियुक्तों ने अपने ग्रामीण परभंस सिंह और उनकी पत्नी राधा देवी पर हमला कर दिया था. आरोप था कि दोनों को दाब और लाठी से मारकर घायल कर दिया गया था.

अभियोजन और बचाव पक्ष ने रखा अपना पक्ष

मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक सर्वजीत ओझा और अधिवक्ता सुभाष चंद्र दास ने पक्ष रखा, जबकि अभियुक्त पक्ष की ओर से अधिवक्ता राजेश कुमार वर्मा सहित अन्य अधिवक्ताओं ने पैरवी की.

#Chapra #CourtNews 

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